Chaitra Navratri Ashtami 2026: नवरात्रि का आठवां दिन है सबसे खास जानें, महाष्टमी पर क्यों किया जाता है कन्या पूजन
punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 10:42 AM (IST)
Chaitra Navratri Ashtami 2026 Date and Significance: चैत्र नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। अष्टमी को महाष्टमी कहा जाता है और इस दिन माता दुर्गा के आठवें स्वरूप की पूजा की जाती है। इस दिन कन्या पूजन और विशेष पूजा-अर्चना का विधान भी है। आइए जानते हैं वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी कब है, इसका शुभ मुहूर्त क्या है और इसका धार्मिक महत्व क्या माना जाता है।
चैत्र नवरात्रि 2026 कब से कब तक
हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगी। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी मानी जाती है। इन दिनों में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और मां दुर्गा से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। मान्यता है कि इस दौरान देवी दुर्गा पृथ्वी लोक पर आकर अपने भक्तों के दुख दूर करती हैं।

चैत्र नवरात्रि अष्टमी 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त
वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि का समय इस प्रकार रहेगा:
अष्टमी तिथि शुरू: 25 मार्च 2026, दोपहर 01:50 बजे
अष्टमी तिथि समाप्त: 26 मार्च 2026, सुबह 11:48 बजे
अष्टमी के दिन ही कई स्थानों पर कन्या पूजन (कंजक) और हवन किया जाता है।

क्यों खास होती है नवरात्रि की अष्टमी
नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है। माता महागौरी को शांति, पवित्रता और मातृत्व की देवी माना जाता है। ऐसा विश्वास है कि उनकी पूजा से भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है और जीवन के भय व संकट दूर होते हैं।
माता महागौरी को अन्नपूर्णा स्वरूप भी माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर भोजन करवाया जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन मां दुर्गा ने चंड और मुंड नामक राक्षसों का वध किया था, इसलिए इस तिथि को अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है।
अष्टमी तिथि का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्मग्रंथों जैसे देवी भागवत पुराण और मार्कंडेय पुराण में नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि को विशेष फलदायी बताया गया है।
मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से माता दुर्गा की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। भय और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है। मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। घर में सुख-समृद्धि आती है। इसी वजह से भक्त नवरात्रि की अष्टमी को विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाते हैं।

