Bhishma Ashtami 2026 : भीष्म ने बाणों की शैया पर क्यों किया मृत्यु का इंतजार ? जानें रहस्य

punjabkesari.in Sunday, Jan 25, 2026 - 02:35 PM (IST)

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Bhishma Ashtami 2026 : महाभारत के महान योद्धाओं में गंगापुत्र भीष्म का नाम सबसे ऊपर लिया जाता है। वे केवल एक वीर सेनापति ही नहीं थे, बल्कि कर्तव्य, त्याग और वचनबद्धता की मिसाल भी थे। उन्होंने जीवनभर हस्तिनापुर के सिंहासन की रक्षा का संकल्प लिया था। इसी कारण कुरुक्षेत्र युद्ध में वे कौरवों की ओर से लड़े, भले ही वे जानते थे कि पांडव धर्म के पक्ष में हैं।

युद्ध के दौरान भीष्म इतने शक्तिशाली थे कि पांडवों की सेना उनके सामने टिक नहीं पाती थी। अपने बाणों से वे शत्रु पक्ष को बार-बार पीछे हटने पर मजबूर कर देते थे। उन्हें पराजित करना लगभग असंभव माना जाता था।

Bhishma Ashtami 2026

जब अर्जुन ने उनसे उनकी कमजोरी के बारे में पूछा, तो भीष्म ने सत्य बताते हुए कहा कि वे किसी भी स्त्री पर कभी हथियार नहीं उठाते। यह बात युद्ध की दिशा बदलने वाली साबित हुई।

दसवें दिन पांडवों ने शिखंडी को आगे कर दिया, जो पूर्व जन्म में स्त्री था और इस जन्म में पुरुष रूप में था। शिखंडी को देखकर भीष्म ने अपने अस्त्र-शस्त्र नीचे रख दिए। इसी अवसर का लाभ उठाकर अर्जुन ने लगातार बाणों की वर्षा कर दी। उनके शरीर में असंख्य तीर लग गए और वे रणभूमि में बाणों की शैय्या पर गिर पड़े।

भीष्म को पिता शांतनु से इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त था। इसका अर्थ था कि वे अपनी मृत्यु का समय स्वयं तय कर सकते थे। इसलिए गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने तुरंत प्राण नहीं छोड़े।

Bhishma Ashtami 2026

जिस दिन वे घायल हुए, उस समय सूर्य दक्षिणायन में था, जिसे धार्मिक दृष्टि से शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि इस अवधि में देह त्याग करने से आत्मा को मोक्ष प्राप्त नहीं होता। इसी कारण भीष्म ने अपने प्राण त्यागने के लिए उत्तरायण का इंतजार किया।

लगभग दो महीने तक वे शरशय्या पर लेटे रहे और धर्म, नीति व जीवन के गूढ़ रहस्यों का ज्ञान देते रहे। जब सूर्य उत्तरायण में प्रवेश कर गया और माघ शुक्ल अष्टमी का दिन आया, तब उन्होंने शांत भाव से अपने प्राण त्याग दिए।

इसी तिथि को आज भी भीष्म अष्टमी के रूप में मनाया जाता है, जो त्याग, संयम और धर्म के प्रतीक पितामह भीष्म की स्मृति से जुड़ी हुई है।

Bhishma Ashtami 2026


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Editor

Prachi Sharma

Related News