Holika Dahan 2026 for Pregnant Women : होलिका दहन के दिन गर्भवती महिलाएं भूलकर भी न करें ये 3 काम, जच्चा-बच्चा रहेंगे सुरक्षित
punjabkesari.in Sunday, Mar 01, 2026 - 12:02 PM (IST)
Holika Dahan 2026 for Pregnant Women : होलिका दहन का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, यह रात ऊर्जा के दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए इस समय कुछ पारंपरिक नियमों और सावधानियों का पालन करना अनिवार्य बताया गया है। माना जाता है कि इस दौरान बरती गई थोड़ी सी सावधानी न केवल मां की सेहत का ख्याल रखती है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु को भी नकारात्मक प्रभावों से सुरक्षित रखती है। तो आइए जानते हैं उन 3 महत्वपूर्ण कामों के बारे में जानेंगे, जिन्हें गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन के दिन भूलकर भी नहीं करना चाहिए, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ रहें।

अग्नि की सीधी तपन और परिक्रमा से बचें
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन की अग्नि को जलती हुई चिता के समान प्रतीक माना जाता है, क्योंकि इसमें बुराई का अंत होता है। गर्भवती महिलाओं को इस अग्नि की सीधी गर्मी से बचना चाहिए। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी, जलती हुई लकड़ी से निकलने वाला धुआं और अत्यधिक तापमान गर्भस्थ शिशु के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए, अग्नि की परिक्रमा करने के बजाय दूर से ही हाथ जोड़कर प्रणाम करना बेहतर है।

देर रात बाहर निकलने से परहेज करें
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलिका दहन की रात को सिद्धि की रात कहा जाता है और माना जाता है कि इस दौरान नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय रहती हैं। गर्भवती महिलाओं का प्रभामंडल बहुत संवेदनशील होता है, इसलिए उन्हें सलाह दी जाती है कि वे दहन के समय और उसके बाद देर रात तक सुनसान जगहों या चौराहे पर न जाएं। कोशिश करें कि सूर्यास्त के बाद घर के अंदर ही रहें और भक्ति भाव में समय बिताएं।
सफेद खाद्य पदार्थों के सेवन में सावधानी
पुरानी मान्यताओं और बड़े-बुजुर्गों के अनुसार, होलिका दहन की रात को सफेद चीजें जैसे दूध, दही, चावल या सफेद मिठाई खाकर घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। माना जाता है कि सफेद वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को जल्दी आकर्षित करती हैं। यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो अपने पास थोड़ा सा काला धागा या लोहे की कोई छोटी वस्तु रख लें, जो सुरक्षा कवच का काम करती है।

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