Bhaum Pradosh Kaal puja Muhurat: आज शाम कर्ज मुक्ति और मंगल दोष से राहत के लिए करें शिव पूजा, जानें अपने शहर का सबसे सटीक शुभ मुहूर्त
punjabkesari.in Tuesday, Sep 08, 2026 - 09:31 AM (IST)
Bhaum Pradosh Kaal puja Muhurat: भौम प्रदोष का व्रत विशेष रूप से जीवन की कई बड़ी समस्याओं के निवारण के लिए अचूक माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस व्रत को रखने से भोलेनाथ हर इच्छा को ज़रूर पूरा करते हैं। मंगलवार के दिन आने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार भौम प्रदोष व्रत उन लोगों को विशेष रूप से करना चाहिए, जो कर्ज में डूबे हुए हैं या जो अपनी भूमि, भवन, संपत्ति खरीदना चाहते हैं। मंगल दोष से राहत के लिए तो इस रोज की गई पूजा अथवा व्रत संजीवनी बुटी का काम करते हैं। भौम प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोषकाल में की जाती है। इस समय पूजा का फल दोगुना हो जाता है।
आज 8 सितंबर 2026 को भौम प्रदोष व्रत तिथि है। पंचांग गणना के अनुसार त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ 8 सितंबर 2026 की दोपहर 02:42 बजे से होगा और विश्राम 9 सितंबर 2026 को दोपहर 12:30 बजे तक हो जाएगा। मुख्य प्रदोष काल पूजा मुहूर्त सायंकाल 06:35 से रात्रि 08:52 तक होगा। 8 सितंबर 2026 यानि आज प्रदोष काल में पूजा करना शुभ रहेगा।
भारत के विभिन्न शहरों में सूर्यास्त के समय में अंतर रहता है इसलिए पूजा का सटीक समय भी अलग-अलग होता है। अपने शहर के अनुसार पूजा का मुहूर्त नोट करें:
| शहर का नाम | प्रदोष काल पूजा मुहूर्त |
| नई दिल्ली | शाम 06:35 से रात्रि 08:52 तक |
| नोएडा | शाम 06:34 से रात्रि 08:52 तक |
| गुरुग्राम | शाम 06:35 से रात्रि 08:53 तक |
| चंडीगढ़ | शाम 06:38 से रात्रि 08:55 तक |
| जयपुर | शाम 06:40 से रात्रि 08:58 तक |
| मुंबई | शाम 06:47 से रात्रि 09:07 तक |
| पुणे | शाम 06:43 से रात्रि 09:03 तक |
| इंदौर | शाम 06:37 से रात्रि 08:56 तक |
| भोपाल | शाम 06:31 से रात्रि 08:50 तक |
| लखनऊ | शाम 06:19 से रात्रि 08:37 तक |
| कानपुर | शाम 06:21 से रात्रि 08:39 तक |
| प्रयागराज | शाम 06:15 से रात्रि 08:33 तक |
| मथुरा | शाम 06:32 से रात्रि 08:50 तक |
| पटना | शाम 06:01 से रात्रि 08:20 तक |
| कोलकाता | शाम 05:47 से रात्रि 08:06 तक |
| नागपुर | शाम 06:23 से रात्रि 08:43 तक |
| बेंगलूरु | शाम 06:26 से रात्रि 08:46 तक |
| चेन्नई | शाम 06:15 से रात्रि 08:36 तक |
मंगल दोष से पीड़ित जातकों का कर्ज कभी समाप्त नहीं होता इसलिए भौम प्रदोष के दिन मंगल को प्रसन्न करने के लिए मंगल स्तोत्र का पाठ करें। भौम प्रदोष के दिन पूरे दिन केसर का तिलक मस्तक, कंठ और नाभि में लगाएं। इससे आपका कर्ज उतरने लगेगा। इसके अलावा इस पूजा स्थल पर मंगल यंत्र की स्थापना करें। तांबे या अष्टधातु का यंत्र या फिर केसर की स्याही से बने हुए मंगल यंत्र का पूजन करें।
कर्ज मुक्ति के लिए भौम प्रदोष व्रत के दिन हनुमान जी को आंकड़े के 51 पत्तों से बनी माला पहनाएं। प्रत्येक पत्ते पर राम लिखें। इससे आपकी हर इच्छा पूरी होगी।
प्रदोष व्रत के दिन पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करते हुए जल अर्पित करें।
