Bhairav Dev Jhanki 2026 : हो जाएं तैयार ! भैरव देव की झांकी को लेकर युवा कर रहे खास तैयारियां, जानें क्या होगा इस बार सबसे अलग

punjabkesari.in Friday, Feb 20, 2026 - 05:29 PM (IST)

Bhairav Dev Jhanki 2026 : राजौरी जिले में इस वर्ष की वार्षिक झांकी की तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। भैरव बाबा की भव्य झांकी 25 फरवरी से शुरू होने जा रही है। भगवान शिव के रौद्र और सुरक्षात्मक अवतार भैरव देव को समर्पित यह आयोजन इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक होने वाला है। स्थानीय मोहल्लों और मंदिरों में युवाओं की टोलियां दिन-रात एक कर झांकी के रथों और सजावट को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।

इस बार क्या होगा खास ?
2026 की इस झांकी में डिजिटल और ट्रेडिशनल का एक अनोखा संगम देखने को मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, इस बार झांकी के मुख्य रथों पर अत्याधुनिक LED लाइटिंग और 3D विजुअल्स का उपयोग किया जा रहा है, जो भैरव देव के विभिन्न स्वरूपों को जीवंत करेंगे। सैकड़ों की संख्या में युवा पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-ताशों और प्राचीन वाद्ययंत्रों के साथ शक्ति प्रदर्शन करेंगे। मार्शल आर्ट्स और पारंपरिक युद्ध कलाओं का प्रदर्शन आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। झांकी के मार्ग पर जगह-जगह युवाओं द्वारा शीतल जल और छबील के साथ-साथ विशाल भंडारों की व्यवस्था की गई है।

झांकी का ऐतिहासिक महत्व
भैरव देव की झांकी का इतिहास सदियों पुराना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भैरव देव को 'क्षेत्रपाल' यानी नगर का रक्षक माना जाता है। मान्यता है कि झांकी के नगर भ्रमण से क्षेत्र की नकारात्मक ऊर्जा और बुरी शक्तियां समाप्त हो जाती हैं। जम्मू के राजौरी जैसे क्षेत्रों में यह परंपरा 400 साल से भी अधिक पुरानी है, जहां होली की शुरुआत भैरव देव की झांकी से होती है। यहां भक्त चिमटे खाकर बाबा का आशीर्वाद लेते हैं, जो अटूट श्रद्धा का प्रतीक है। यह झांकी समाज के हर वर्ग को एक साथ लाती है। ऐतिहासिक रूप से यह सांप्रदायिक सद्भाव और आपसी एकता को मजबूत करने का माध्यम रही है।

प्रशासनिक सतर्कता
भारी भीड़ और युवाओं के उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। झांकी के रूट पर ड्रोन से नजर रखी जाएगी और यातायात को सुचारू बनाने के लिए विशेष डायवर्जन प्लान तैयार किया गया है।

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Content Editor

Sarita Thapa

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