Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा से पहले बड़ा एक्शन, संवेदनशील क्षेत्रों की होगी विशेष निगरानी
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 10:33 AM (IST)
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Amarnath Yatra 2026 : जम्मू-कश्मीर के हिमालयी इलाके में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा तक पहुंचने वाले दोनों मार्गों पर इस वर्ष विशेष सतर्कता बरती जाएगी। यात्रा से पहले संभावित आपदा और खतरे वाले स्थानों को चिन्हित किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों ने 29 जनवरी 2026 को बताया कि संवेदनशील और जोखिम भरे क्षेत्रों की पहचान पहले से कर ली जाएगी और वहां आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने एक उच्चस्तरीय बैठक में अनंतनाग और गांदरबल जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पहलगाम और बालटाल मार्ग पर ऐसे स्थानों को चिह्नित करें, जहां प्राकृतिक आपदा का खतरा अधिक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अत्यधिक जोखिम वाले इलाकों में तंबू, अस्थायी ढांचे या अन्य सुविधाएं स्थापित नहीं की जाएंगी। यह निर्देश 48 किलोमीटर लंबे पारंपरिक पहलगाम मार्ग और 14 किलोमीटर के अधिक ढलान वाले बालटाल मार्ग, दोनों पर लागू होंगे।
अमरनाथ यात्रा सामान्यतः जुलाई और अगस्त के महीनों में आयोजित होती है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। श्राइन बोर्ड की उच्चस्तरीय समिति की बैठक में मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को समय से पहले सभी तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया। उन्होंने पर्यटन, लोक निर्माण और अन्य विभागों को एक माह के भीतर निविदा और अनुबंध संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से तैयार हों।
श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि हर पड़ाव पर यात्रियों और सेवा कर्मियों के लिए पर्याप्त और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। विभागों के बीच बेहतर समन्वय और कार्य अवधि का प्रभावी उपयोग करने पर भी जोर दिया गया, ताकि यात्रा तिथियों से पहले सभी आधारभूत संरचनाएं तैयार हो सकें।
स्वास्थ्य व्यवस्था को भी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। चंदनवाड़ी और बालटाल आधार शिविरों में अस्पतालों को पूरी तरह सक्रिय रखने और पर्याप्त डॉक्टरों व चिकित्सा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यात्रा मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
यह भी तय किया गया है कि केवल वही श्रद्धालु यात्रा कर सकेंगे, जिनके पास वैध स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और आरएफआईडी पंजीकरण होगा। स्वास्थ्य विभाग को जरूरत पड़ने पर बाहरी क्षेत्रों से अतिरिक्त चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने पिछले वर्ष की यात्रा के बाद किए गए सुधारों और आगामी यात्रा से पहले प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। इनमें ट्रैक सुधार कार्य, बिजली-पानी की निर्बाध आपूर्ति, आपदा प्रबंधन उपाय, प्रीपेड किराया प्रणाली, शिविर क्षमता विस्तार और टट्टू सेवाओं के पंजीकरण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम बनाया जा सके।
