Barsana Lathmar Holi 2026 : लट्ठमार होली देखने का प्लान बना रहे हैं ? कब, कैसे और कितने दिन पहले पहुंचे, यहां जानें पूरी गाइड

punjabkesari.in Monday, Feb 23, 2026 - 04:00 PM (IST)

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Barsana Lathmar Holi 2026 : देश के कई हिस्सों में होली एक–दो दिन में खत्म हो जाती है, लेकिन ब्रज में यह उत्सव करीब 40 दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की लीलाओं से जुड़ी ब्रज की होली दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इनमें बरसाना की लठमार होली खास आकर्षण का केंद्र होती है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक वृंदावन, मथुरा और बरसाना पहुंचकर इस अनोखे उत्सव का आनंद लेते हैं। अगर आप भी 2026 में इस खास होली को देखने की योजना बना रहे हैं, तो यात्रा और समय की सही जानकारी पहले से जान लेना जरूरी है।

Barsana Lathmar Holi 2026

कब मनाई जाएगी लठमार होली ?
ब्रज की परंपरा के अनुसार 2026 में बरसाना की लठमार होली 25 और 26 फरवरी को आयोजित होगी। 25 फरवरी को लड्डू होली खेली जाएगी, जबकि 26 फरवरी को मुख्य लठमार होली का आयोजन होगा। इसके बाद नंदगांव में भी लठमार होली होती है, जहां भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

कब पहुंचें वृंदावन ?
अगर आप पूरे उत्सव का अनुभव लेना चाहते हैं, तो रंगों वाली होली से लगभग 4–5 दिन पहले वृंदावन पहुंचना बेहतर रहेगा। इससे आप बरसाना, नंदगांव, वृंदावन और मथुरा में होने वाले अलग-अलग कार्यक्रमों में आराम से शामिल हो सकेंगे। त्योहार के करीब आते ही भीड़ काफी बढ़ जाती है, इसलिए पहले पहुंचना सुविधाजनक और सुरक्षित माना जाता है।

वृंदावन या मथुरा से बरसाना की दूरी करीब 45–50 किलोमीटर है, जिसे सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ से दो घंटे में तय किया जा सकता है। हालांकि होली के दिन ट्रैफिक अधिक रहता है, इसलिए सुबह जल्दी निकलना समझदारी होगी। दिल्ली से बरसाना लगभग 150 किलोमीटर दूर है, जहां से आप कार के जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं।

Barsana Lathmar Holi 2026

यात्रा के दौरान किन बातों का ध्यान रखें ?
लठमार होली के दिन बरसाना में भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है इसलिए हो सके तो सुबह 5–6 बजे तक पहुंच जाना अच्छा रहता है। हल्के और पूरे बाजू वाले कपड़े पहनें, मोबाइल और कीमती सामान सुरक्षित रखें। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। महिलाओं और बुजुर्गों को समूह में यात्रा करना ज्यादा सुरक्षित रहता है।

बरसाना में ठहरने के विकल्प सीमित हैं इसलिए अधिकतर लोग वृंदावन या मथुरा में होटल लेकर सुबह बरसाना जाते हैं और शाम तक लौट आते हैं। होली के दौरान होटल जल्दी भर जाते हैं इसलिए अपने सुरक्षा के लिए पहले से बुकिंग कर लेना जरूरी है।
 
Barsana Lathmar Holi 2026


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Content Editor

Prachi Sharma

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