Amarnath Yatra 2026 : लंगर लगाने वालों के लिए जरूरी सूचना, जानें कब तक करें अप्लाई

punjabkesari.in Thursday, Mar 19, 2026 - 10:24 AM (IST)

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Amarnath Yatra 2026 :  अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां अब तेज़ होती दिखाई दे रही हैं। इसी कड़ी में श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने यात्रा मार्ग और बेस कैंपों पर लंगर सेवा की व्यवस्था शुरू करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। जो संस्थाएं या संगठन श्रद्धालुओं के लिए लंगर लगाना चाहते हैं, उनसे आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके लिए 25 मार्च तक की अंतिम तिथि तय की गई है। इससे साफ है कि इस वर्ष यात्रा को बेहतर और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन पहले से ही सक्रिय हो गया है।

श्राइन बोर्ड की ओर से बताया गया है कि लंगर सेवा देने के इच्छुक संगठनों को निर्धारित फॉर्मेट में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ संस्था या ट्रस्ट का पंजीकरण प्रमाणपत्र, सेवादारों की संख्या, पहले का अनुभव और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा। सभी आवेदनों की सावधानीपूर्वक जांच के बाद ही संबंधित संस्थाओं को लंगर लगाने की अनुमति दी जाएगी।

बोर्ड ने फिलहाल 29 जून को प्रथम पूजा की संभावित तिथि निर्धारित की है। हालांकि यात्रा के आधिकारिक आरंभ और अग्रिम पंजीकरण से जुड़ी तिथियों की घोषणा अभी बाकी है, जिसकी जानकारी जल्द जारी की जा सकती है। हर वर्ष देशभर से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए इस पवित्र यात्रा में शामिल होते हैं, इसलिए व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन और श्राइन बोर्ड विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।

अमरनाथ यात्रा के दौरान पारंपरिक बालटाल और पहलगाम मार्ग पर कई स्थानों पर लंगर सेवा संचालित की जाती है। आमतौर पर हर साल लगभग 120 से 125 लंगर अलग-अलग पड़ावों पर लगाए जाते हैं। इनमें पहलगाम, बालटाल, चंदनवाड़ी, शेषनाग, पंजतरणी और पवित्र गुफा जैसे प्रमुख पड़ाव शामिल हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए भोजन सहित कई जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

श्राइन बोर्ड यह भी तय करता है कि किस स्थान पर कितने समय तक लंगर संचालित होगा और इसके लिए किन नियमों का पालन करना होगा। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हर आवेदन की विस्तार से जांच की जाती है।

कुल मिलाकर अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां अब रफ्तार पकड़ चुकी हैं। आने वाले दिनों में यात्रा की आधिकारिक तिथियों की घोषणा और पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है, ताकि इस साल भी श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक आयोजित की जा सके।


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Content Editor

Prachi Sharma

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