Adhik Maas Purnima 2026 Upay: 3 साल बाद बना दुर्लभ संयोग, रात को गुप्त रुप से करें चावल के ये उपाय और जीवन की उलझनों से मुक्त हो जाएं
punjabkesari.in Friday, May 29, 2026 - 11:34 AM (IST)
Purushottam Maas Purnima Upay 2026: हिंदू पंचांग में अधिकमास की पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पावन तिथि हर तीन साल में केवल एक बार आती है, जिसे 'पुरुषोत्तम मास' की पूर्णिमा भी कहा जाता है। साल 2026 में यह दुर्लभ अवसर मई के अंत में आ रहा है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन किए गए दान-पुण्य और उपाय सामान्य पूर्णिमा की तुलना में कई गुना अधिक फलदायी होते हैं।

Adhik Maas Purnima 2026 Date & Time शुभ मुहूर्त और तिथि
पंचांग गणना के अनुसार, इस वर्ष ज्येष्ठ अधिकमास की पूर्णिमा तिथि 30 मई 2026 को सुबह 11 बजकर 57 मिनट पर प्रारंभ होगी और इसका समापन 31 मई 2026 को दोपहर 02 बजकर 14 मिनट पर होगा। चूंकि 30 मई की रात को चंद्रमा मौजूद रहेगा, इसलिए व्रत और चंद्र पूजन 30 मई, शनिवार को ही किया जाएगा। उदय तिथि के अनुसार, पूर्णिमा का पवित्र स्नान और दान 31 मई को करना श्रेष्ठ रहेगा।
ज्योतिष विद्वानों के अनुसार, तनाव मन की एक अवस्था है। जिसका सीधा सीधा संबंध चंद्रमा से है। मन का कारक चंद्रमा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति के तनाव की अवस्था आहार, विचार, व्यवहार और संस्कार पर निर्भर करती है। चंद्रमा की विभिन्न प्रकार की स्थिति अलग-अलग तरह का तनाव देती है। कुछ स्थितियों में ये तनाव वास्तविक होता है, तो कभी काल्पनित होता है। मगर दोनों ही तरह का तनाव जातक के जीवन पर बहुत गहरा असल डालता है।

Worship Lord Chandra on the Purnima of Adhikamas using this method. अधिकमास की पूर्णिमा पर इस विधि से करें चंद्र देव की पूजा-
शाम के समय चंद्रदेव का 16 चीजों से पूजन करें। गाय के घी का दीपक करें, कपूर जलाकर धूप करें, सफ़ेद फूल, चंदन, चावल व इत्र चढ़ाएं। उसके बाद खीर का भोग लगाएं व पंचामृत से चंद्रमा को अर्ध्य दे।

चंद्र देव पूजा मंत्र: ॐ शीतांशु विभांशु अमृतांशु नम:॥
चंद्र देव को प्रसन्न करने हेतु चावल से करें ये विशेष उपाय
चांदी से बना कोई भी आभूषण लेकर उसे थोड़ी देर चंद्रमा की रोशनी में रखें। इसके बाद पानी के एक लोटे में थोड़े से चावल डालकर उस धातु को उसमें डाल दें। अब उस जल का छिड़काव पूरे घर में करते हुए नहाने के प्रयोग में लाएं। ऐसा करने से मानसिक तनाव व अवसाद से मुक्ति मिलती है और दिमागी परेशानियों से भी राहत मिलेगी।
धन की कमी को दूर करने के लिए पूर्णिमा के बाद आने वाले सोमवार को भगवान शिव के मंदिर में जाएं। ध्यान रखें, मंदिर में चहल-पहल न हो, चारों तरफ शांति होनी चाहिए। अपनी शक्ति के अनुसार चावल ले जाकर शिवलिंग का स्पर्श करवाएं, अब उसमें से एक मुट्ठी शिवलिंग पर चढ़ा दें। बाकी के बचे चावल किसी जरूरतमंद को दान कर दें अथवा शिवालय में ही छोड़ आएं।
अधिकमास की पूर्णिमा पर सूरज ढलने से पहले गाय को मीठे चावल खिलाने से मनचाही नौकरी मिलती है और आॉफिस में चल रही सभी समस्याओं का हल होता है।
रसोई में अधिक मात्रा में चावल रखने से चंद्र की शुभता बढ़ती है।
मनचाहे धन की प्राप्ति के लिए अधिकमास की पूर्णिमा से आरंभ करके रोजाना एक मुट्ठी चावल मछलियों को डालें।
कुंडली के मंगल दोष को शांत करने के लिए पके हुए चावलों से शिवलिंग का श्रृंगार कर भोलेनाथ की पूजा करें।

