Adhik Maas Kalashtami 2026 : किस दिन मनाई जाएगी अधिक मास की कालाष्टमी, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

punjabkesari.in Wednesday, Jun 03, 2026 - 01:32 PM (IST)

Adhik Maas Kalashtami 2026 : सनातन धर्म में कालाष्टमी का बेहद खास महत्व है। इस दिन देवों के देव महादेव के रुद्रावतार कालभैरव की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन और विधि-विधान से कालभैरव की पूजा करने से जीवन में आने वाले सारे संकट दूर हो जाते हैं और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। जैसे के सभी को पता है कि अधिकमास चल रहा है। यह माह भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। ऐसे में इस माह में कालाष्टमी तिथि का पड़ने से  इस व्रत का महत्व ओर बढ़ जाता है। तो आइए जानते हैं अधिक मास की कालाष्टमी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-

अधिक मास कालाष्टमी 2026 तिथि
अधिक मास की अष्टमी तिथि की शुरुआत 8 जून, सोमवार को सुबह 3 बजकर 24 मिनट पर होने जा रही है। इसका समापन 9 जून, मंगलवार को सुबह 3 बजकर 23 मिनट पर होगा। ऐसे में कालाष्टमी का व्रत 8 जून को रखा जाएगा।

कालाष्टमी व्रत 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 8 जून को प्रदोष काल की शुरुआत 6 बजकर 30 मिनट पर होगी, जो शाम 7 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। यह एक घंटे की अवधि कालाष्टमी की पूजा के लिए बहुत शुभ और खास माना जाता है।

अधिक मास कालाष्टमी पूजा विधि
अधिक मास कालाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।

फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।

उसके बाद एक चौकी पर कालभैरव की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करें।

अब काल भैरव को  सरसों का तेल, काले तिल, नारियल, लड्डू और मीठा पानअर्पित करें।

फिर काल भैरव को शराब, इमरती और जलेबी, काले चने, हलवा और खीर, गुलगुले का भोग लगाएं।
 
उसके बाद उनका ध्यान करते हुए उनके मंत्रों का जाप या भैरव चालीसा का पाठ करें।

अंत में कालभैरव के समक्ष घी का दीपक जलाएं और आरती करें।  

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Content Editor

Sarita Thapa

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