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अद्भुत शिवलिंग: वैज्ञानिक भी नहीं जान पाए इसका राज़

2020-05-19T09:05:03.067

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

राजस्थान के धौलपुर में चंबल नदी के बीहड रहस्यों में अचलेश्वर महादेव का मंदिर स्थित है। यह जगह चंबल के बीहड़ों के लिए मशहूर है। यहा पर भोलेनाथ और शिवलिंग के अतिरिक्त उनके पैर के अंगूठे का पूजन होता है। यहां पर स्थित शिवलिंग की बड़ी विशेषता यह है कि इसका रंग दिन में 3 बार परिवर्तित होता है।  

PunjabKesari Achaleshvar Mahadev Mandir
इस शिवलिंग का रंग सुबह के समय लाल, दोपहर को केसरिया और रात को सांवला हो जाता है। ये रंग परिवर्तन क्यों होता है इसके बारे में वैज्ञानिक भी पता नहीं लगा पाए। यह मंदिर हजारों वर्ष प्राचीन है। कहा जाता है कि बीहड़ों में स्थित होने के कारण यहां का रास्ता मुश्किल और ऊंचा-नीचा है।

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जिसकी वजह से पहले यहां बहुत कम श्रद्धालु आते थे। जैसे-जैसे भोलेनाथ के चमत्कार बढ़े वैसे-वैसे मंदिर की प्रसिद्धि बढ़ती गई। अब इस मंदिर का दर्शन करने दूर-दूर से लाखों भक्त आते हैं।

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इस शिवलिंग में छिपे राज का अभी तक पता नहीं लग पाया है। कहा जाता है कि इस रहस्य को जानने के लिए बहुत समय पूर्व श्रद्धालुओं ने इस शिवलिंग की खुदाई की थी परंतु उन्हें इसके अंत का पता नहीं चल पाया था। जिसके पश्चात खुदाई बंद कर दी गई थी।

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वैसे तो भोलेनाथ सबकी इच्छाएं पूर्ण करते हैं परंतु यहां के विषय में माना जाता है कि जो भी कुंवारे लड़के-लड़कियां यहां आकर विवाह की मन्नत मांगते हैं, उनकी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। लड़कियों को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।

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Niyati Bhandari

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