भारत का डायरेक्ट सेलिंग उद्योग ₹23,000 करोड़ के पार, 93 लाख से अधिक हुए सेलर्स

punjabkesari.in Thursday, May 14, 2026 - 05:25 PM (IST)

- पिछले 6 वर्षों में उद्योग ने 6.5% की स्थिर वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) दर्ज की
- महिला डायरेक्ट सेलर्स की हिस्सेदारी 44% से बढ़कर 48% हुई

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। भारत का डायरेक्ट सेलिंग उद्योग लगातार बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस उद्योग का कारोबार बढ़कर ₹23,021 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष 2023-24 के ₹22,142 करोड़ की तुलना में 4% अधिक है। यह जानकारी इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन (IDSA) द्वारा जारी ‘डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री आउटलुक 2025’ रिपोर्ट में सामने आई है।

आईडीएसए की नॉलेज पार्टनर एजेंसी IPSOS द्वारा तैयार इस रिपोर्ट का विमोचन 14 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सांसद और कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के महासचिव एवं सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने किया है।

सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने क्या कहा 

सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत इस समय आर्थिक बदलाव के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में ऐसे उद्योगों की बड़ी भूमिका होगी, जो उद्यमिता, स्वरोजगार और समावेशी आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने डायरेक्ट सेलिंग उद्योग को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बताया, जो लोगों को रोजगार और व्यापार के अवसर उपलब्ध करा रहा है।

आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को कर रहा मजबूत 

उन्होंने कहा कि यह उद्योग बड़े पैमाने पर स्वरोजगार के अवसर पैदा कर रहा है और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत कर रहा है। साथ ही उन्होंने उद्योग से उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद, नैतिक व्यापारिक व्यवहार और मजबूत उपभोक्ता सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की अपील की, ताकि इस क्षेत्र का विकास लगातार जारी रहे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार उद्योग के लिए सकारात्मक और व्यापार-अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

2024-25 में ₹23,021 करोड़ पहुंचा कारोबार 

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 6 सालों में डायरेक्ट सेलिंग उद्योग ने 6.5% की मजबूत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) बनाए रखी है। उद्योग का कारोबार वित्त वर्ष 2019-20 में लगभग ₹16,800 करोड़ था, जो बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में ₹23,021 करोड़ हो गया। यह उद्योग की मजबूती, बढ़ते उपभोक्ता भरोसे और बढ़ते उद्यमिता नेटवर्क को दर्शाता है। क्षेत्रवार आंकड़ों की बात करें तो कुल बिक्री में उत्तरी क्षेत्र 27.58% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा। इसके बाद पश्चिमी क्षेत्र की हिस्सेदारी 25.47%, पूर्वी क्षेत्र की 22.47%, दक्षिणी क्षेत्र की 17.81% और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की 6.67% रही।


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Content Editor

Mansi

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