35,000 करोड़ की निकासी, HDFC Bank से विदेशी निवेशकों का मोहभंग, स्टॉक में क्यों आई गिरावट
punjabkesari.in Monday, Apr 06, 2026 - 10:44 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank के सामने चुनौतियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे के बाद शुरू हुई अनिश्चितता ने निवेशकों का भरोसा हिला दिया है। इसका असर साफ तौर पर शेयर और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली में नजर आ रहा है।
पिछले महीने Atanu Chakraborty के अचानक इस्तीफे के बाद से बैंक में उथल-पुथल का माहौल बना हुआ है। इस घटनाक्रम ने निवेशकों के सेंटिमेंट को झटका दिया। सिर्फ मार्च 2026 की बात करें तो FII ने बैंक से करीब 35,000 करोड़ रुपए निकाल लिए। यही वजह है कि बैंक के शेयरों में लगातार दबाव बना हुआ है।
6 साल की सबसे बड़ी गिरावट
कभी सबसे भरोसेमंद लार्जकैप स्टॉक्स में गिने जाने वाले एचडीएफसी बैंक के शेयरों में जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान 26.2% की गिरावट आई है। यह मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है, जब COVID-19 के दौरान स्टॉक करीब 33% गिरा था।
विदेशी निवेशकों का भरोसा टूटा
मार्च तिमाही में विदेशी निवेशकों ने करीब 47.95 करोड़ शेयर बेचे हैं। बिकवाली का आलम ये रहा है कि अब विदेशी निवेशकों की संख्या घटकर 2,528 रह गई है, जो दिसंबर, 2025 के आखिर में 2,757 थी। यह लगातार तीसरी तिमाही है, जब इस बैंक में विदेशी निवेशकों की संख्या घटी है। बीते मार्च के आखिर तक विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी घटकर 44.05 फीसदी रह गई है, जो इससे पहले की तिमाही तक 47.67 फीसदी थी।
घरेलू निवेशकों का भरोसा कायम
जहां विदेशी निवेशक बाहर निकल रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने बैंक में भरोसा बनाए रखा है।
- म्यूचुअल फंड की हिस्सेदारी 26.66% से बढ़कर 29.54%
- करीब 28,293 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे
- प्रोविडेंट फंड ने ₹2,239 करोड़ का निवेश किया
- इसके अलावा इंश्योरेंस कंपनियों ने भी 256 करोड़ रुपए के शेयर बैंक में खरीदे हैं। इतना ही नहीं, एलआईसी ने भी इस कंपनी में 969 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं।
क्यों दबाव में है स्टॉक?
स्टॉक में गिरावट के पीछे कई कारण हैं:
- चेयरमैन का अचानक इस्तीफा
- Securities and Exchange Board of India द्वारा इस्तीफे की समीक्षा
- मैनेजमेंट से जुड़ी अनिश्चितता
- AT-1 बॉन्ड मिस-सेलिंग से जुड़े आरोप और आंतरिक कार्रवाई
