खेती के लिए अच्छे दिन! इस बार गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार की संभावना

2020-02-19T14:13:06.967

बिजनेस डेस्क: भारत में इस साल मॉनसून की बारिश सामान्य रह सकती है, जिससे कृषि पैदावार तो अच्छी होगी ही साथ में देश की अर्थव्यवस्था को गति को भी मजबूत आधार मिलेगा। दरअसल सरकारी अनुमानों में कहा गया कि अच्छी बरसात और ज्यादा बुआई के बीच देश में गेहूं की पैदावार 2019-20 में रिकॉर्ड 10 करोड़ 62.1 लाख टन तक पहुंचने की संभावना है। गेहूं का उत्पादन साल-दर-साल बढ़ रहा है और फसल वर्ष 2018-19 में 10 करोड़ 36 लाख टन गेहूं का कीर्तिमान बना था। गेहूं मुख्य रबी (सर्दियों) फसल है। इसकी कटाई अगले महीने शुरू होगी।

 

कृषि मंत्रालय ने खाद्यान्न उत्पादन का दूसरा अनुमान जारी करते हुए कहा कि देश में मॉनसून सत्र (जून-सितंबर 2019) में कुल मिला कर बरसात 10 प्रतिशत अधिक थी। अच्छी नमी के चलते फसल वर्ष 2019-20 में अधिकांश फसलों की पैदावार सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। जमीन की नमी अच्छी रहने से इस वर्ष गेहूं खेती का रकबा बढ़ने की वजह से गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होने अनुमान लगाया गया है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस फसल वर्ष के जनवरी-अंत तक तीन करोड़ 36.1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुआई हुई थी। पिछले साल इसी दौरान गेहूं का यह रकबा दो करोड़ 99.3 लाख हेक्टेयर था। 

 

दूसरे अनुमान के अनुसार, फसल वर्ष 2019-20 में गेहूं, चावल, मोटे अनाज और दलहन आदि सहित कुल खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 29 करोड़ 19.5 लाख टन होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 28 करोड़ 52.1 लाख टन से कहीं अधिक होगा। इस बार चालू वर्ष के रबी सत्र में 14 करोड़ 23.6 लाख टन और खरीफ सत्र में 14 करोड़ 96 लाख टन अनाज की पैदावार होने के अनुमान हैं। धान का उत्पादन पिछले साल के 11 करोड़ 64.8 लाख टन से मामूली वृद्धि के साथ इस साल 11 करोड़ 74.7 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि विभिन्न अनाजों का उत्पादन 26 करोड़ 31.4 लाख टन से बढ़कर 26 करोड़ 89.3 लाख टन होने का अनुमान है। 

 

आंकड़ों के अनुसार, इस साल दलहन उत्पादन दो करोड़ 30.2 लाख होने का अनुमान है जो पिछले साल दो करोड़ 20.8 लाख टन था। वर्ष 2019-20 में तिलहन उत्पादन बढ़कर तीन करोड़ 41.8 लाख टन होने का अनुमान है जो पिछले साल तीन करोड़ 15.2 लाख टन था। नकदी फसलों के बीच, गन्ने का उत्पादन उक्त अवधि में पहले के 40 करोड़ 54.1 लाख टन से घटकर 35 करोड़ 38.4 लाख टन रह जाने का अनुमान है। वर्ष 2018-19 में कपास का उत्पादन पहले के दो करोड़ 80.4 लाख गांठ से बढ़कर चालू वर्ष में तीन करोड़ 48.9 लाख गांठ (170 किलो प्रत्येक) हो जाने का अनुमान है। जबकि जूट / मेस्टा उत्पादन पिछले साल के 98 लाख गांठ (एक गांठ- 180 किग्रा) के स्तर पर ही बने रहने की उम्मीद है। खाद्यान्न उत्पादन के अंतिम अनुमान से पहले मंत्रालय, चार अग्रिम अनुमान जारी करता है। 
 


vasudha

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