Gold News: गोल्ड पर बड़ा फैसला लेने की तैयारी में सरकार, जानिए क्या?

punjabkesari.in Tuesday, Feb 17, 2026 - 06:23 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः भारत सरकार खाड़ी देशों के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में सोने को लेकर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार Gulf Cooperation Council (GCC) के साथ होने वाली ट्रेड डील में गोल्ड पर किसी भी तरह की टैरिफ छूट देने के पक्ष में नहीं है। इस फैसले का मकसद घरेलू बाजार को सुरक्षित रखना और बढ़ते गोल्ड आयात पर लगाम लगाना है।

UAE समझौते से मिला सबक

सरकार की चिंता की बड़ी वजह United Arab Emirates के साथ हुआ अनुभव है। मई 2022 में लागू हुए Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) के तहत तय कोटे में 1% कस्टम ड्यूटी पर सोना आयात करने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद UAE से गोल्ड आयात में तेज उछाल देखने को मिला।

वित्त वर्ष 2022 में जहां UAE से सोने का आयात लगभग 5.8 अरब डॉलर था, वहीं वित्त वर्ष 2025 तक यह बढ़कर करीब 16.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया यानी तीन साल में आयात लगभग तीन गुना हो गया। इस तेजी ने सरकार को टैरिफ नीति पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर किया।

GCC डील में दोहराई जाएगी सख्ती

GCC में UAE के अलावा सऊदी अरब, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन जैसे बड़े गोल्ड ट्रेडिंग देश शामिल हैं। सरकार को आशंका है कि अगर इन देशों को भी टैरिफ में छूट दी गई, तो सोने का आयात और तेज हो सकता है, जिससे ट्रेड बैलेंस और चालू खाते के घाटे पर दबाव बढ़ेगा।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि हाल ही में ओमान के साथ हुए समझौते में भी गोल्ड और सिल्वर को टैरिफ छूट से बाहर रखा गया था। अब वही रणनीति GCC के साथ भी अपनाई जा सकती है।

घरेलू उद्योग और ट्रेड बैलेंस पर फोकस

भारत GCC देशों को टेक्सटाइल, ज्वैलरी, फार्मा और इंजीनियरिंग उत्पाद निर्यात करता है, जबकि बदले में कच्चा तेल और गैस जैसे ऊर्जा उत्पाद आयात करता है। वित्त वर्ष 2025 में भारत और GCC के बीच व्यापार 179 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है।

सरकार का मानना है कि सोने पर टैरिफ छूट देने से घरेलू ज्वैलरी उद्योग पर असर पड़ सकता है और आयात बिल बढ़ सकता है। इसलिए गोल्ड को “संवेदनशील श्रेणी” में रखकर किसी भी जल्दबाजी से बचने की रणनीति बनाई जा रही है।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

jyoti choudhary

Related News