not to buy gold: पीएम मोदी की एक अपील से 3 लाख करोड़ के गोल्ड कारोबार पर संकट, सर्राफा बाजार में बढ़ी चिंता
punjabkesari.in Monday, May 11, 2026 - 01:18 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील ने देश के ज्वेलरी कारोबार में हलचल बढ़ा दी है। हैदराबाद में रविवार को आयोजित एक रैली में पीएम मोदी ने नागरिकों से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अपनी रोजमर्रा की आदतों में बदलाव लाने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से कहा कि वे अगले एक साल तक शादी या अन्य समारोहों के लिए सोना खरीदने से बचें। पीएम की इस अपील के बाद सर्राफा बाजार और ज्वेलरी उद्योग में चिंता बढ़ गई है, क्योंकि भारत में शादियों के दौरान सोने की खरीदारी सबसे ज्यादा होती है।
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भारत में हर साल लगभग 40 से 50 लाख शादियां होती हैं और शादी के गहनों का कारोबार अरबों रुपए का माना जाता है। आमतौर पर एक शादी में 50 से 100 ग्राम तक सोने के आभूषण खरीदे जाते हैं। यही वजह है कि देश में होने वाली कुल सोने की बिक्री का करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा वेडिंग सीजन में होता है। उद्योग से जुड़े संगठनों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में केवल वेडिंग ज्वेलरी सेगमेंट में ही 2 से 3 लाख करोड़ रुपए तक का कारोबार हो सकता है। ऐसे में पीएम मोदी की अपील से ज्वेलर्स को बिक्री में भारी गिरावट की आशंका सताने लगी है।
ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट
इसका असर शेयर बाजार में भी तुरंत दिखाई दिया। सोमवार सुबह कारोबार शुरू होते ही ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई। Titan Company, Senco Gold और अन्य गोल्ड स्टॉक्स में 10 प्रतिशत तक की कमजोरी देखी गई। कारोबारियों का कहना है कि अगर लोग सोने की खरीद टालते हैं तो पूरे उद्योग पर दबाव बढ़ सकता है।
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90% सोना विदेशों से आयात
सरकार की चिंता मुख्य रूप से बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर है। भारत अपनी जरूरत का 90 प्रतिशत से अधिक सोना विदेशों से आयात करता है और इसका भुगतान डॉलर में किया जाता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और महंगे कच्चे तेल के बीच सरकार विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिश कर रही है। हाल ही में देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी लगातार घटा है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है। हर साल देश में 700 से 800 टन सोने की खपत होती है, जबकि घरेलू उत्पादन केवल 1 से 2 टन के आसपास है। लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद शादी के मौसम में सोने की मांग मजबूत बनी रहती है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि लोग पीएम मोदी की अपील को कितना गंभीरता से लेते हैं और इसका ज्वेलरी कारोबार पर कितना असर पड़ता है।
कर्मचारियों की छंटनी
ज्वैलर्स का मानना है कि इस तरह के आह्वान से ग्राहकों में डर का माहौल बनता है जिससे सोने की बिक्री, विशेषकर शादियों के सीजन में काफी कम हो सकती है। छोटे ज्वैलर्स, सुनार और कारीगरों को डर है कि अगर एक साल तक सोने की बिक्री नहीं हुई तो उनको कर्मचारियों को वेतन देने में परेशानी होगी और कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ सकती है।
CTI चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि यह अपील ऐसे समय में आई है जबकि भारत मे शादियों का सीजन पीक पर है, ऐसे में ज्वैलरी इंडस्ट्री को डर है कि इससे गहनों की मांग में भारी गिरावट आ सकती है। CTI महासचिव गुरमीत अरोड़ा और रमेश आहूजा ने कहा कि सोना भारतीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है और शादियों में अनिवार्य माना जाता है इसलिए यह इंडस्ट्री और आम लोगों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण समय है।
