NSE 12 अगस्त से निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 सूचकांक पर वायदा-विकल्प अनुबंध करेगा शुरू

punjabkesari.in Thursday, Jul 16, 2026 - 01:44 PM (IST)

नई दिल्लीः नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसे पूंजी बाजार नियामक सेबी से मंजूरी मिलने के बाद वह 12 अगस्त से निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 सूचकांक पर वायदा-विकल्प अनुबंध शुरू करेगा। एनएसई ने बयान में कहा कि वह 'इक्विटी डेरिवेटिव खंड' में इस सूचकांक पर वायदा (फ्यूचर्स) और विकल्प (ऑप्शन) अनुबंध पेश करेगा। सूचकांक शुरुआत में तीन क्रमिक मासिक वायदा और विकल्प अनुबंध चक्र उपलब्ध कराएगा। नकद निपटान वाले इन अनुबंधों की समाप्ति संबंधित माह के अंतिम मंगलवार को होगी। 

निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 सूचकांक छह महीने की औसत विदेशी निवेश योग्य मुक्त-प्रवाह बाजार पूंजीकरण के आधार पर निफ्टी 500 में शामिल शीर्ष 150 शेयर के प्रदर्शन को दर्शाता है। इस सूचकांक को विदेशी निवेशकों के लिए निवेश की सुगमता और निवेशयोग्यता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सूचकांक में प्रत्येक शेयर का भार उसके विदेशी निवेश योग्य मुक्त-प्रवाह बाजार पूंजीकरण के आधार पर तय किया जाता है। इस सूचकांक में जून, 2026 तक वित्तीय सेवा क्षेत्र का भार सबसे अधिक 26.15 प्रतिशत था। इसके बाद तेल, गैस एवं उपभोग्य ईंधन क्षेत्र का भार 10.03 प्रतिशत और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का भार 7.51 प्रतिशत था। इस सूचकांक की शुरुआत 16 अगस्त, 2025 को की गई थी। इसकी आधार तिथि तीन अक्टूबर, 2022 और आधार मूल्य 1,000 रखा गया था। 

विदेशी निवेश योग्य मुक्त-प्रवाह पद्धति के आधार पर इसका पुनर्संतुलन प्रत्येक तिमाही में किया जाता है। एनएसई के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने कहा कि निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 सूचकांक पर वायदा-विकल्प अनुबंध की शुरुआत सूचकांक के मौजूदा सूचकांक वायदा-विकल्प उत्पादों के दायरे को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा, ''निफ्टी इंडिया एफपीआई 150 सूचकांक भारतीय शेयर बाजार के व्यापक और विविधीकृत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के 150 नकद शेयर शामिल हैं और इसमें नकदी तथा निवेशयोग्यता पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसलिए यह जोखिम से बचाव (हेजिंग) और पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए उपयुक्त आधार सूचकांक है।'' 


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Content Writer

jyoti choudhary

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