तेल सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा, 180 डॉलर तक जा सकता है क्रूड!
punjabkesari.in Friday, Mar 20, 2026 - 12:05 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में भड़की जंग अब वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग ठप होने की कगार पर है, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई पर असर दिखने लगा है। हालात ऐसे बने तो कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आ सकता है।
सऊदी अरब के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर मौजूदा तनाव अप्रैल के अंत तक जारी रहा, तो क्रूड ऑयल की कीमत 180 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। The Wall Street Journal की रिपोर्ट के मुताबिक, सप्लाई में लगातार बाधा आने से ग्लोबल मार्केट को बड़ा झटका लग सकता है।
हालांकि ऊंची कीमतों से तेल उत्पादक देशों की आमदनी बढ़ती है लेकिन सऊदी अरब इस तेज उछाल को लेकर चिंतित है। आशंका है कि अगर कीमतें 180 डॉलर के पार जाती हैं, तो दुनिया तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी की ओर शिफ्ट हो सकती है, जिससे लंबे समय में तेल की मांग घट सकती है। साथ ही इतनी महंगी ऊर्जा वैश्विक मंदी को भी जन्म दे सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी अरब कीमतों में सीमित बढ़ोतरी चाहता है, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे और उसकी हिस्सेदारी भी सुरक्षित रहे। तनाव की जड़ में ऊर्जा ठिकानों पर हमले हैं। ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के जवाब में तेहरान ने कतर और सऊदी अरब के अहम ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया है। Yanbu स्थित तेल टर्मिनल खास तौर पर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह होर्मुज को बायपास करने वाली पाइपलाइन का अंतिम बिंदु है।
इन हमलों ने ग्लोबल सप्लाई चेन को अस्थिर कर दिया है। इस बीच Saudi Aramco ने स्थिति पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहा है लेकिन अंदरखाने इस संभावित ‘ऑयल शॉक’ से निपटने की तैयारी तेज कर दी गई है। कुल मिलाकर, अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो दुनिया को महंगे तेल, बढ़ती महंगाई और आर्थिक सुस्ती का सामना करना पड़ सकता है।
