ईरान संग जंग भारी पड़ रही इजरायल पर, हर सप्ताह अरबों डॉलर का नुकसान
punjabkesari.in Thursday, Mar 05, 2026 - 05:26 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे संयुक्त सैन्य अभियान को अब छह दिन हो चुके हैं। संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है और इसका असर इजरायल की अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है। इजरायल के वित्त मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि मौजूदा सुरक्षा प्रतिबंधों और युद्ध जैसी स्थिति के कारण देश को हर हफ्ते लगभग 9.4 अरब इजराइली शेकेल (करीब 3 अरब डॉलर या 27,000 करोड़ रुपए) का आर्थिक नुकसान हो सकता है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय के महानिदेशक इलान रोम ने होम फ्रंट कमांड के प्रमुख मेजर जनरल शाय क्लैपर को पत्र लिखकर मौजूदा कड़े प्रतिबंधों में कुछ ढील देने की मांग की है। उनका कहना है कि गुरुवार से चरणबद्ध तरीके से कारोबार और कार्यस्थलों को सीमित रूप से खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि अर्थव्यवस्था को हो रहे भारी नुकसान को कम किया जा सके।
रोम ने कहा कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और रक्षा से जुड़ी नीतियां जरूरी हैं, लेकिन लंबे समय तक बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियों को रोकना देश के लिए भारी आर्थिक बोझ बन सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण इजरायल की अर्थव्यवस्था पहले ही काफी दबाव झेल चुकी है।
दरअसल, शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद इजरायली रक्षा बलों के होम फ्रंट कमांड ने पूरे देश के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के तहत जरूरी सेवाओं को छोड़कर सार्वजनिक जमावड़ों, शैक्षणिक गतिविधियों और अधिकतर कार्यस्थलों को बंद कर दिया गया था। साथ ही लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई और घर से काम करने को बढ़ावा दिया गया।
बाद में स्थिति की समीक्षा के बाद इन प्रतिबंधों को और बढ़ा दिया गया और पूरे देश में लागू पाबंदियों को शनिवार रात तक जारी रखने का फैसला किया गया।
वित्त मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि मौजूदा ‘रेड अलर्ट’ स्तर को घटाकर ‘ऑरेंज’ स्तर किया जाए। ‘ऑरेंज’ स्तर में सीमित आर्थिक गतिविधियों और कुछ कार्यस्थलों को सख्त सुरक्षा शर्तों के साथ खोलने की अनुमति मिल सकती है, हालांकि स्कूल और शैक्षणिक संस्थान तब भी बंद रहेंगे।
मंत्रालय के अनुसार, यदि ‘ऑरेंज’ स्तर लागू किया जाता है तो साप्ताहिक आर्थिक नुकसान लगभग 4.5 अरब शेकेल (करीब 1.5 अरब डॉलर) तक सीमित रह सकता है, जो मौजूदा स्थिति के मुकाबले काफी कम होगा। उनका मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी और साथ ही नागरिकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
