IDBI बैंक को मिला विदेशी खरीदार, कनाडाई कंपनी के साथ 53 हजार करोड़ की हो सकती है डील
punjabkesari.in Wednesday, Jul 15, 2026 - 01:15 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः सरकार की लंबे समय से लंबित आईडीबीआई बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंचती दिख रही है। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने कनाडा की वित्तीय कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। करीब 5.5 अरब डॉलर (लगभग 53,000 करोड़ रुपए) की इस डील की आधिकारिक घोषणा जल्द हो सकती है। यदि यह सौदा पूरा होता है, तो यह भारत के बैंकिंग क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश माना जाएगा।
किस तरह की हो सकती है डील
रिपोर्ट के अनुसार फेयरफैक्स अब 81 रुपए प्रति शेयर का ऑफर दे रही है, जो पिछले साल दिए गए 75 रुपए के ऑफर से ज्यादा है। इस कीमत पर, सरकार बैंक में अपनी 45.48 फीसदी हिस्सेदारी में से 30.48% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 26,620 करोड़ रुपए जुटा सकती है। सरकारी कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन (LIC), जिसके पास बैंक की 50 फीसदी से थोड़ी कम हिस्सेदारी है, वह भी 30.24 फीसदी हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। इससे डील का कुल साइज 53,000 करोड़ रुपए ($5.5 बिलियन) हो जाएगा और यह किसी भारतीय बैंक में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा।
कौन हैं प्रेम वत्स
फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स का नेतृत्व भारतीय मूल के उद्योगपति प्रेम वत्स कर रहे हैं, जिन्हें उनकी निवेश रणनीति के कारण अक्सर "कनाडा का वॉरेन बफे" कहा जाता है। हैदराबाद में 5 अगस्त 1950 को जन्मे प्रेम वत्स ने आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए कनाडा चले गए, जहां उन्होंने वेस्टर्न ओंटारियो यूनिवर्सिटी से एमबीए किया।
करियर की शुरुआत
वत्स ने अपने करियर की शुरुआत 1974 में कन्फेडरेशन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी से की, जहां उन्होंने निवेश और पोर्टफोलियो प्रबंधन का अनुभव हासिल किया। कुछ वर्षों बाद उन्होंने अपनी निवेश सलाहकार कंपनी स्थापित की और 1985 में फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की नींव रखी। आज यह कंपनी वैश्विक स्तर पर बीमा और निवेश क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में गिनी जाती है।
भारत में भी फेयरफैक्स ने कई बड़े निवेश किए हैं। कंपनी की हिस्सेदारी सीएसबी बैंक, आईआईएफएल कैपिटल और बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे में है। इसके अलावा फेयरफैक्स की मौजूदगी उत्तर अमेरिका और यूरोप के कई देशों में भी है।
फोर्ब्स के अनुसार, प्रेम वत्स की अनुमानित संपत्ति करीब 2.6 अरब डॉलर (लगभग 25,000 करोड़ रुपये) है। भारतीय मूल के इस कारोबारी को उनकी उपलब्धियों के लिए भारत सरकार पद्मश्री से भी सम्मानित कर चुकी है। यदि आईडीबीआई बैंक का अधिग्रहण पूरा होता है, तो यह भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निवेश सौदे के रूप में दर्ज होगा।
