UPI यूजर्स के लिए बड़ी खबर, सरकार ने बताया- लेनदेन पर लगेगी फीस या मिलेगी मुफ्त सर्विस
punjabkesari.in Monday, Feb 02, 2026 - 05:59 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः यूपीआई से लेनदेन अब कैश की तुलना में कई गुना बढ़ चुका है। इसके साथ ही इस डिजिटल सिस्टम को चलाने की लागत भी सरकार के लिए बढ़ती जा रही है। बीते कुछ महीनों से यूपीआई पर फीस लगाए जाने की अटकलें तेज थीं लेकिन अब सरकार ने इस पर अपना रुख पूरी तरह साफ कर दिया है, जिसका सीधा असर देश के करोड़ों लोगों पर पड़ेगा।
वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू ने सोमवार को कहा कि यूपीआई (एकीकृत भुगतान इंटरफेस) के जरिए लेनदेन आगे भी पूरी तरह मुफ्त रहेगा और इसके संचालन पर आने वाला खर्च सरकार खुद वहन करेगी। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में यूपीआई को सपोर्ट देने के लिए 2,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि इस पर आने वाले खर्च को सब्सिडी के जरिए पूरा किया जा सके।
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी बजट 2026-27 में यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड के लिए 2,000 करोड़ रुपए की सब्सिडी का ऐलान किया है। इससे पहले 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह राशि 2,196 करोड़ रुपए थी।
साइबर फ्रॉड पर क्या बोले वित्त सचिव
साइबर धोखाधड़ी को लेकर नागराजू ने कहा कि बैंकों की तकनीकी गड़बड़ी के कारण होने वाले फ्रॉड की हिस्सेदारी 3 फीसदी से भी कम है। उन्होंने जोर दिया कि आम लोगों की सतर्कता से साइबर फ्रॉड की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
बैंकों को मजबूत बनाने की तैयारी
विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बैंकों के लिए बजट में एक उच्च अधिकार प्राप्त समिति के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है। नागराजू ने बताया कि पहले समिति के कामकाज के नियम और शर्तें तय की जाएंगी, उसके बाद इसका गठन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि फिलहाल भारतीय बैंक मजबूत स्थिति में हैं—एनपीए कम है और मुनाफा बेहतर है। उनके मुताबिक, भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए 3 से 4 बड़े बैंकों की जरूरत है, जिसे छोटे बैंकों के विलय के जरिए हासिल किया जा सकता है।
PSU बैंकों में FDI बढ़ाने पर विचार
वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) में एफडीआई सीमा 20 फीसदी से बढ़ाकर 49 फीसदी करने पर विचार कर रहा है। इस प्रस्ताव को लेकर मंत्रालयों के बीच परामर्श जारी है। फिलहाल निजी बैंकों में एफडीआई की सीमा 74 फीसदी है, जबकि सरकारी बैंकों में यह 20 फीसदी तक सीमित है।
