SBI ने ICICI Bank को पछाड़ा, 6 साल बाद हासिल किया यह बड़ा मुकाम

punjabkesari.in Tuesday, Jan 27, 2026 - 05:51 PM (IST)

बिजनेस डेस्कः देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में 6 साल के बाद ICICI Bank को पीछे छोड़ते हुए एक बार फिर देश का दूसरा सबसे मूल्यवान बैंक बनने का गौरव हासिल कर लिया है। छह साल से अधिक समय बाद SBI ने यह मुकाम पाया है, जबकि पहले स्थान पर अब भी HDFC Bank बना हुआ है। 

बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, SBI का मार्केट कैप ₹9.71 लाख करोड़ रहा, जबकि ICICI Bank का मार्केट कैप ₹9.57 लाख करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, HDFC Bank का मार्केट कैप ₹14.16 लाख करोड़ के स्तर पर है। इससे पहले अगस्त 2019 में SBI का मार्केट कैप ₹2.69 लाख करोड़ और ICICI Bank का ₹2.65 लाख करोड़ था।

शेयर बाजार में SBI के शेयर में मजबूती देखने को मिली। यह करीब 2.28 फीसदी की तेजी के साथ ₹1,053 पर बंद हुआ। हाल ही में 22 जनवरी 2026 को SBI का शेयर ₹1,055.35 के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंचा था। दूसरी ओर, ICICI Bank का शेयर 1.49 फीसदी की तेजी के साथ ₹1,363.35 पर बंद हुआ।

जनवरी 2026 में अब तक SBI के शेयर में करीब 6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि में सेंसेक्स 4.2 फीसदी गिरा है। इसके मुकाबले HDFC Bank के शेयर में 7.2 फीसदी और ICICI Bank के शेयर में 0.3 फीसदी की गिरावट आई है।

पिछले छह महीनों में SBI के शेयर ने शानदार प्रदर्शन किया है और इसमें करीब 31 फीसदी की तेजी दर्ज की गई है। वहीं, इस दौरान सेंसेक्स सिर्फ 0.9 फीसदी चढ़ पाया है। HDFC Bank और ICICI Bank के शेयरों में इसी अवधि में क्रमशः 8.6 फीसदी और 10.2 फीसदी की गिरावट देखी गई।

SBI की तेजी के पीछे कारण

SBI के बेहतर प्रदर्शन के पीछे विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी अहम वजह मानी जा रही है। दिसंबर 2025 तिमाही में बैंक में विदेशी निवेशकों (FII और FPI) की हिस्सेदारी बढ़कर 10.34 फीसदी हो गई, जो एक साल में सबसे ऊंचा स्तर है। बैंक का कारोबार मजबूत बना हुआ है और कर्ज से जुड़े जोखिम भी नियंत्रण में हैं। SBI ने FY26 के लिए 13–14 फीसदी कर्ज वृद्धि का लक्ष्य रखा है, जिसमें रिटेल, कृषि और MSME सेक्टर का बड़ा योगदान रहने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal के अनुसार, SBI का मार्जिन अब निचले स्तर पर पहुंच चुका है और अगर RBI ब्याज दरों में और कटौती नहीं करता है तो बैंक का NIM 3 फीसदी से ऊपर बना रह सकता है। क्रेडिट कॉस्ट भी अगले कुछ वर्षों तक सीमित रहने की संभावना है।

SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने कहा है कि वैश्विक व्यापार और अमेरिका के टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता कम होते ही निजी निवेश में तेजी आ सकती है। बैंक हर साल करीब ₹10 लाख करोड़ का नया कारोबार जोड़ रहा है।

S&P Global Ratings का भी मानना है कि भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि से SBI को फायदा मिलता रहेगा। एजेंसी के मुताबिक, अगले 12–24 महीनों में बैंक की एसेट क्वालिटी, मुनाफा और पूंजी स्थिति मजबूत बनी रह सकती है। जरूरत पड़ने पर सरकार की ओर से समर्थन मिलने की संभावना भी जताई गई है।

SBI ने जानकारी दी है कि बैंक के सेंट्रल बोर्ड की बैठक 7 फरवरी 2026 को मुंबई में होगी, जिसमें दिसंबर 2025 तिमाही (Q3FY26) के वित्तीय नतीजों पर विचार किया जाएगा।
 


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Content Writer

jyoti choudhary

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