Shares Down: सरकार के एक फैसले से हिल गया सिगरेट सेक्टर, औंधे मुंह गिरे शेयर
punjabkesari.in Thursday, Jan 01, 2026 - 02:04 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः केंद्र सरकार द्वारा सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने की अधिसूचना जारी होते ही शेयर बाजार में सिगरेट कंपनियों के शेयरों पर दबाव साफ नजर आया। सरकार के इस सख्त कदम का मकसद तंबाकू उत्पादों के टैक्स ढांचे को अधिक स्थायी बनाना है लेकिन इसका सीधा असर सिगरेट कंपनियों के मुनाफे पर पड़ता दिख रहा है। इसी आशंका के चलते ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स जैसे दिग्गज शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली।
वित्त मंत्रालय की घोषणा के बाद निवेशकों ने सिगरेट सेक्टर से दूरी बनानी शुरू कर दी। करीब 2 बजे देश की सबसे बड़ी सिगरेट निर्माता कंपनी ITC के शेयर 8.93 फीसदी तक टूट गए। वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में और ज्यादा दबाव देखने को मिला और यह 16.56 फीसदी गिरकर 2,304.15 रुपए पर आ गया।
निवेशकों को चिंता है कि बढ़े हुए टैक्स के कारण सिगरेट की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे मांग घट सकती है और कंपनियों के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा।
1 फरवरी 2026 से लागू होगी नई एक्साइज ड्यूटी
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के मुताबिक, सिगरेट की लंबाई के आधार पर नई एक्साइज ड्यूटी तय की गई है। अब 1,000 सिगरेट स्टिक पर 2,050 रुपए से लेकर 8,500 रुपए तक की एक्साइज ड्यूटी देनी होगी। यह नया टैक्स 1 फरवरी 2026 से लागू होगा।
सरकार का यह फैसला बीते कुछ वर्षों से चली आ रही ‘अस्थायी टैक्स व्यवस्था’ को खत्म कर स्थायी एक्साइज ढांचे की ओर लौटने का संकेत देता है। यह एक्साइज ड्यूटी मौजूदा 28 फीसदी जीएसटी और अन्य सेस के अतिरिक्त होगी, जिससे कुल टैक्स बोझ और बढ़ जाएगा।
सिगरेट कितनी महंगी हो सकती है?
ICICI सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के अनुसार, नई एक्साइज ड्यूटी के चलते 75 मिमी से 85 मिमी लंबी सिगरेट की कुल निर्माण लागत में 22 से 28 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ITC की कुल बिक्री का करीब 16 फीसदी हिस्सा 75 मिमी से अधिक लंबी सिगरेटों से आता है।
अनुमान है कि कंपनियां बढ़े हुए टैक्स का बोझ ग्राहकों पर डालेंगी, जिससे एक सिगरेट स्टिक की कीमत 2 से 3 रुपए तक बढ़ सकती है। भारत में करीब 10 करोड़ स्मोकर्स हैं, जिन पर इस महंगाई का सीधा असर पड़ने की संभावना है।
