टूटी सीटें और गंदे वॉशरूम, कंज़्यूमर कोर्ट ने Air India पर ठोका ₹1.5 लाख जुर्माना
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 04:01 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दौरान यात्रियों को घटिया सुविधाएं देने के मामले में दिल्ली की एक डिस्ट्रिक्ट कंज़्यूमर कोर्ट ने एयर इंडिया को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने एयरलाइन को एक यात्री और उनकी बेटी को कुल ₹1.5 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह आदेश नई दिल्ली स्थित डिस्ट्रिक्ट कंज़्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन-VI ने दिया। आयोग ने माना कि फ्लाइट के दौरान यात्रियों को जिन सुविधाओं का वादा किया गया था, वे उपलब्ध नहीं कराई गईं, जो सेवा में गंभीर कमी का मामला है।
टूटी सीटें, खराब एंटरटेनमेंट और गंदे वॉशरूम
यात्री और उनकी बेटी ने शिकायत में बताया कि लंबी इंटरनेशनल फ्लाइट के दौरान सीटें टूटी हुई थीं और आरामदायक नहीं थीं। इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट सिस्टम काम नहीं कर रहा था, वॉशरूम बेहद गंदे थे, विमान के अंदर बदबू थी और परोसा गया खाना भी खराब गुणवत्ता का था। आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद केबिन क्रू की ओर से कोई मदद नहीं मिली।
मुआवजा पाने का पूरा हक
कमीशन की अध्यक्ष पूनम चौधरी और सदस्य शेखर चंद्र की बेंच ने 14 जनवरी को दिए अपने आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए मुआवजा पाने का पूरा अधिकार है। आयोग ने कहा कि यात्रियों से जिन सुविधाओं के लिए शुल्क लिया गया, वे उन्हें दी ही नहीं गईं।
आदेश के मुताबिक, एयर इंडिया को शिकायतकर्ता और उनकी बेटी को ₹50,000-₹50,000 मुआवजे के तौर पर, जबकि ₹50,000 मुकदमे के खर्च के रूप में चुकाने होंगे।
टिकट रिफंड की मांग खारिज
हालांकि, आयोग ने टिकट की पूरी रकम लौटाने की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यात्रियों ने अपनी यात्रा पूरी कर ली थी।
क्या था पूरा मामला
यह मामला ग्रीन पार्क एक्सटेंशन निवासी शैलेंद्र भटनागर की शिकायत पर सामने आया। उन्होंने सितंबर 2023 में अपनी बेटी के साथ मेक माय ट्रिप के जरिए बुक किए गए इकोनॉमी क्लास टिकट पर एयर इंडिया की दिल्ली-न्यूयॉर्क-दिल्ली फ्लाइट से यात्रा की थी।
एयर इंडिया का पक्ष
एयर इंडिया ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उड़ान से पहले विमान की नियमित तकनीकी जांच की गई थी और उसे उड़ान के लिए पूरी तरह फिट पाया गया था। एयरलाइन ने यह भी दावा किया कि शिकायतकर्ता ने बिजनेस क्लास में अपग्रेड की मांग की थी लेकिन सीट उपलब्ध न होने के कारण ऐसा नहीं हो सका।
