मिडिल ईस्ट तनाव के बीच टेक कंपनियों का बड़ा फैसला, भारत बन रहा नया डेटा सेंटर हब
punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 02:43 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब टेक इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। दुनिया की प्रमुख क्लाउड कंपनियां अपने डेटा और सर्वर को खाड़ी देशों से हटाकर भारत और सिंगापुर जैसे सुरक्षित स्थानों की ओर शिफ्ट करने लगी हैं। हालिया हमलों और सुरक्षा जोखिमों के कारण कंपनियां अपने डेटा सेंटर संचालन को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करने पर विचार कर रही हैं।
ड्रोन हमलों के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
हाल ही में खाड़ी क्षेत्र में हुए ड्रोन हमलों ने टेक कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन में मौजूद कुछ डेटा सेंटरों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बाद कई डिजिटल सेवाओं में बाधा आई। कुछ स्थानीय बैंकिंग ऐप्स और ऑनलाइन सेवाएं भी अस्थायी रूप से प्रभावित हुईं। इन घटनाओं के बाद कंपनियों ने अपने ग्राहकों को संवेदनशील डेटा को सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की सलाह दी है।
भारत बन रहा नया डेटा हब
टेक कंपनियां अब भारत को एक सुरक्षित और भरोसेमंद डेटा सेंटर हब के रूप में देख रही हैं। मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद और कोच्चि जैसे शहरों में तेजी से नए डेटा सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भारत के पास मजबूत अंडरसी केबल नेटवर्क, पर्याप्त जमीन और बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है, जिससे कंपनियों के लिए यहां डेटा संचालन करना आसान हो रहा है।
अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनियां लंबे समय के लिए अपने डेटा संचालन भारत में शिफ्ट करती हैं तो इससे देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिल सकता है। रिलायंस, अदानी, टाटा और एलएंडटी जैसे भारतीय समूह पहले ही डेटा सेंटर सेक्टर में बड़े निवेश की योजनाओं पर काम कर रहे हैं। आने वाले वर्षों में भारत की डेटा सेंटर क्षमता में तेजी से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
