SBI के करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका, 1 दिसंबर से बंद हो जाएगी ये सर्विस
punjabkesari.in Saturday, Nov 29, 2025 - 11:18 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक अहम बदलाव लागू करने जा रहा है। डिजिटल पेमेंट्स के बढ़ते इस्तेमाल के बीच बैंक ने घोषणा की है कि वह अपने लोकप्रिय mCASH फीचर को पूरी तरह बंद कर देगा। एसबीआई ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 नवंबर 2025 के बाद OnlineSBI और YONO Lite प्लेटफॉर्म पर mCASH के माध्यम से पैसे भेजने या क्लेम करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। इसका मतलब है कि 1 दिसंबर 2025 से यह सेवा स्थायी रूप से समाप्त हो जाएगी। जिन ग्राहकों का बैंकिंग कामकाज इस फीचर पर निर्भर था, उन्हें अब अन्य डिजिटल माध्यमों का उपयोग करना होगा।
क्या करता था mCASH?
mCASH वह सुविधा थी जिसके जरिए एसबीआई ग्राहक बिना किसी बेनिफिशियरी को जोड़े केवल मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी डालकर तुरंत पैसे भेज सकते थे। यह सेवा छोटे और त्वरित लेनदेन के लिए बेहद उपयोगी मानी जाती थी। जब कोई ग्राहक mCASH के माध्यम से पैसा भेजता था तो प्राप्तकर्ता को एक सुरक्षित लिंक और आठ अंकों का पासकोड मिलता था, जिसके जरिये वह राशि को अपने किसी भी बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकता था।
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क्यों बंद हो रही सेवा
एसबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैंक 30 नवंबर 2025 के बाद इस फीचर को बंद कर रहा है और ग्राहकों को सुझाव दिया गया है कि वे UPI, IMPS, NEFT और RTGS जैसे आधुनिक और सुरक्षित पेमेंट विकल्पों का उपयोग करें। बैंक का तर्क है कि mCASH पुरानी तकनीक पर आधारित प्रणाली थी, जबकि मौजूदा पेमेंट मोड ज्यादा तेज, विश्वसनीय और सुरक्षित हैं।
ग्राहकों को दिए निर्देश
बैंक ने ग्राहकों को निर्देश दिया है कि वे digital payments के लिए BHIM SBI Pay यानी UPI ऐप, IMPS और अन्य इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर सेवाओं का इस्तेमाल शुरू कर दें। UPI के माध्यम से भुगतान करना काफी आसान है और इसमें उपयोगकर्ता VPA, अकाउंट नंबर-IFSC या QR कोड के जरिए सहजता से पैसे भेज सकते हैं।
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mCASH बंद होने का सबसे ज्यादा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो बिना बेनिफिशियरी रजिस्ट्रेशन किए सीधे पैसे भेजने की सुविधा का इस्तेमाल करते थे। हालांकि UPI और IMPS जैसे विकल्प अधिक सुरक्षित और तेज हैं लेकिन mCASH की सुविधा खत्म होने से कुछ उपयोगकर्ताओं को अपनी बैंकिंग आदतों में बदलाव करना पड़ेगा।
