NRI ग्राहकों को लेकर चिंता में बैंक, ग्राहकों को लुभाने की दौड़ तेज
punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 11:41 AM (IST)
बिजनेस डेस्कः फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट (FCNR(B) डिपॉजिट के लिए कड़ी टक्कर की वजह से कुछ बैंक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि वे विदेशी कस्टमर्स को खो सकते हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) द्वारा इन डिपॉजिट पर ब्याज दर की ऊपरी सीमा हटाने के बाद कई बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे कुछ बैंक चिंतित हैं कि उनके एनआरआई ग्राहक अधिक आकर्षक रिटर्न देने वाले बैंकों की ओर जा सकते हैं।
कुछ बैंकों ने पहले ही FCNR (B) डिपॉजिट पर नई ब्याज दरों की घोषणा की थी, वे अब आरबीआई के नए नियों के मद्देनजर अपनीन योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। एक सीनियर बैंकर ने कहा, "हमने दरों की घोषणा जल्दी कर दी थी लेकिन नए नियमों के मद्देनजर हम उन पर फिर से विचार करेंगे।"
बैंकरों और एनालिस्ट्स का कहना है कि कुछ छोटे बैंक, जो पहले सीमा की वजह से सीमित थे, अब दरें बढ़ा सकते हैं, जबकि बड़े बैंक संभवतः 6% के स्तर के आसपास ही बने रहेंगे।
ICRA के वाइस प्रेसिडेंट सचिन सचदेवा का कहना है कि ज्यादातर बैंकों ने पहले ही ऐसे डिपॉजिट पर दरों में काफी बढ़ोतरी कर दी है, इसलिए आगे किसी भी बढ़ोतरी की गुंजाइश सीमित होगी।
कैपिटल की होड़
हालांकि कुछ बैंकों को यह भी चिंता है कि उनके मौजूदा ग्राहक अपनी वर्तमान एफसीएनआर (बी) जमाओं को समय से पहले बंद करके उन बैंकों में नई जमा कर सकते हैं जो अधिक ब्याज दरें दे रहे हैं। ग्राहकों को ऐसा करने पर कोई विशेष नुकसान नहीं होगा, इसलिए यह संभावना बनी हुई है।
दबाव कम करना
RBI ने बुधवार को चुनिंदा नॉन-रेसिडेंट एक्सटर्नल (NRE) और FCNR (B) डिपॉजिट पर ब्याज दरों की सीमा को अस्थायी रूप से हटा दिया, जिससे बैंकों को डॉलर जमा आकर्षित करने के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी मिली। इससे विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा और देश के बाहरी सेक्टर में स्थिरता को समर्थन मिलेगा।
