अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच IOC और नायरा ने बढ़ाई रूसी तेल खरीद, रिलायंस ने बनाई दूरी
punjabkesari.in Saturday, Jan 17, 2026 - 05:28 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः सरकारी कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और रोसनेफ्ट (Rosneft) से जुड़ी नायरा एनर्जी ने इस महीने रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है। हालांकि, अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत का रूस से कुल कच्चा तेल आयात पिछले साल की तुलना में घटा है। बीते साल रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इस बार कोई भी रूसी कच्चा तेल नहीं खरीदा है।
डेटा एनालिटिक्स फर्म केप्लर (Kpler) के मुताबिक, इस महीने के पहले पखवाड़े में भारत ने रूस से औसतन 11.8 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल आयात किया। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि और 2025 के औसत से करीब 30 फीसदी कम है, जबकि दिसंबर के मुकाबले इसमें करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
तीन कंपनियों तक सिमटी रूसी तेल खरीद
अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले भारतीय रिफाइनरों की संख्या सिमटकर केवल तीन रह गई है। इस महीने अब तक इंडियन ऑयल, नायरा एनर्जी और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने ही रूसी तेल की खरीद की है।
इंडियन ऑयल इस दौरान सबसे बड़ी खरीदार बनकर उभरी है। कंपनी ने करीब 5 लाख बैरल प्रतिदिन रूसी कच्चा तेल खरीदा, जो भारत द्वारा रूस से किए जा रहे कुल आयात का लगभग 43 फीसदी है। यह मई 2024 के बाद इंडियन ऑयल की सबसे बड़ी खरीद है और 2025 के औसत से करीब 64 फीसदी ज्यादा है।
नायरा एनर्जी इस महीने दूसरी सबसे बड़ी खरीदार रही। कंपनी ने औसतन 4.71 लाख बैरल प्रतिदिन तेल खरीदा, जो रूस से भारत आने वाले कुल तेल का लगभग 40 फीसदी है। यह नायरा की पिछले दो वर्षों में सबसे बड़ी खरीद है और 2025 के उसके औसत से 56 फीसदी अधिक है। बीपीसीएल ने इस दौरान करीब 2 लाख बैरल प्रतिदिन तेल आयात किया, जबकि पिछले साल उसका औसत आयात 1.85 लाख बैरल प्रतिदिन रहा था।
रिलायंस समेत कई रिफाइनर दूर
इस महीने के पहले पखवाड़े में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अलावा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL), HPCL-मित्तल एनर्जी लिमिटेड और मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड ने रूस से कोई कच्चा तेल नहीं खरीदा।
छूट बढ़ाकर खरीदारों को लुभा रहा रूस
कुछ भारतीय और चीनी कंपनियों की घटती दिलचस्पी के बीच रूसी सप्लायरों ने कच्चे तेल की कीमतों पर दी जाने वाली छूट बढ़ा दी है। उद्योग सूत्रों के मुताबिक, रूस के प्रमुख यूराल्स ग्रेड कच्चे तेल पर भारतीय बंदरगाहों तक डिलीवरी के लिए छूट अब 5 से 6 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। अक्टूबर में अमेरिका द्वारा रोसनेफ्ट और लुकोइल जैसे बड़े रूसी निर्यातकों पर प्रतिबंध लगाए जाने से पहले यह छूट करीब 2 डॉलर प्रति बैरल थी।
उद्योग अधिकारियों का कहना है कि इंडियन ऑयल ने इसी बढ़ी हुई छूट का फायदा उठाते हुए जनवरी में रूसी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है।
