Copper Price Drop: तेजी के बाद अचानक धड़ाम हुए कॉपर के भाव, आई साल की सबसे बड़ी गिरावट, जानें कारण
punjabkesari.in Wednesday, Jan 07, 2026 - 04:49 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः कॉपर की कीमतों में हालिया तेज गिरावट ने कमोडिटी बाजार में हलचल पैदा कर दी है। कुछ समय पहले तक लगातार चढ़ रहे कॉपर में अब मुनाफावसूली हावी हो गई है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, अमेरिका के अहम आर्थिक आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता और फेडरल रिजर्व की अगली नीति को लेकर अनिश्चितता ने कॉपर के दामों पर दबाव बढ़ा दिया है।
MCX पर जनवरी 2026 एक्सपायरी वाला कॉपर करीब 2% टूटकर 1,330 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है।
गिरावट के पीछे क्या हैं बड़े कारण?
1. मुनाफावसूली का दबाव
हाल के हफ्तों में कॉपर समेत मेटल्स में तेज रैली देखने को मिली थी। ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, जिससे कीमतों में गिरावट आई।
2. डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर मजबूत होने से डॉलर में कीमत वाली कमोडिटीज महंगी हो जाती हैं। इसका असर ग्लोबल डिमांड पर पड़ता है और कॉपर जैसी धातुओं में खरीदारी कमजोर हो जाती है।
3. अमेरिकी डेटा और फेड की चिंता
बाजार अमेरिका के महंगाई और रोजगार से जुड़े अहम आंकड़ों का इंतजार कर रहा है, जो ब्याज दरों की दिशा तय करेंगे। अगर डेटा मजबूत रहता है तो ब्याज दरों में कटौती टल सकती है, जिससे डॉलर और मजबूत होगा और कॉपर पर दबाव बना रहेगा।
चीन से राहत की उम्मीद
हालांकि, चीन से मिल रहे संकेत कॉपर के लिए सहारा बने हुए हैं। पीपल्स बैंक ऑफ चाइना ने संकेत दिए हैं कि अर्थव्यवस्था को सपोर्ट देने के लिए रिजर्व रिक्वायरमेंट रेशियो (RRR) और पॉलिसी रेट में कटौती की जा सकती है। इससे लिक्विडिटी बढ़ेगी और मीडियम टर्म में कॉपर की मांग को सहारा मिल सकता है।
टैरिफ प्रीमियम हुआ खत्म
पहले कॉपर में आई तेजी के पीछे अमेरिका द्वारा रिफाइंड मेटल्स पर संभावित टैरिफ को लेकर चिंता भी एक बड़ा कारण थी। उस डर के कारण सप्लाई शिफ्ट होने की आशंका बनी थी, लेकिन फिलहाल किसी तात्कालिक कदम के संकेत न मिलने से यह प्रीमियम बाजार से निकल गया है।
लंबी अवधि में कहानी अभी भी मजबूत
लॉन्ग टर्म नजरिए से कॉपर की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। पावर इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स, इलेक्ट्रिक ग्रिड और तेजी से बढ़ते डेटा सेंटर्स कॉपर की मांग को लगातार सपोर्ट कर रहे हैं।
