पुनीत बालन स्टूडियोज की ''75 इयर्स ऑफ एनडीए'' को नेशनल अवॉर्ड, मनवीर जसरोटिया बने बेस्ट एडिटिंग विनर
punjabkesari.in Sunday, Jul 19, 2026 - 09:10 PM (IST)
डेस्कः पुनीत बालन स्टूडियोज की डॉक्यूमेंट्री '75 इयर्स ऑफ एनडीए' ने 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। फिल्म के एडिटर मनवीर जसरोटिया को नॉन-फीचर फिल्म कैटेगरी में बेस्ट एडिटिंग का नेशनल अवॉर्ड मिला है। यह डॉक्यूमेंट्री नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए), खड़कवासला के 75 वर्षों के सफर को समर्पित है और उसकी विरासत को आधुनिक सिनेमाई अंदाज़ में पेश करती है।
डायरेक्टर्स तनुज भाटिया और तनुका लघाटे तथा राइटर मुग्धा कालरा की यह डॉक्यूमेंट्री केवल इतिहास नहीं बताती, बल्कि दर्शकों को एनडीए की संस्कृति, लीडरशिप, डिसिप्लिन और 'नेशन फर्स्ट' की सोच से जोड़ती है। इस ड्राफ्ट का प्रमुख फोकस अवॉर्ड है, इसलिए इसकी प्रस्तुति अन्य संस्करणों से अलग रखी गई है।
फिल्म में रेयर आर्काइवल फुटेज, ऐतिहासिक विजुअल्स, ट्रेनिंग सीक्वेंस, परेड सेरेमनी और कई महत्वपूर्ण संदर्भों का उपयोग किया गया है। एडिटर मनवीर जसरोटिया ने दशकों की विजुअल सामग्री को बेहद प्रभावशाली नैरेटिव में पिरोया है, जिसकी वजह से डॉक्यूमेंट्री भावनात्मक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी बनती है।
स्टूडियोज के प्रोडूसर पुनीत बालन ने कहा कि, “'75 इयर्स ऑफ एनडीए' से जुड़े सभी लोगों के लिए यह नेशनल अवॉर्ड बेहद गर्व का पल है। यह सम्मान नेशनल डिफेंस एकेडमी की विरासत और उन बहादुर अधिकारियों को समर्पित है जिन्होंने अपना जीवन देश सेवा को दिया। हमें खुशी है कि इस प्रेरक सफर को दर्ज करने की हमारी कोशिश को देश का सर्वोच्च सम्मान मिला। मैं एडिटर मनवीर जसरोटिया और पूरी क्रिएटिव टीम को बधाई देता हूँ तथा इस सम्मान को भारतीय आर्म्ड फोर्सेज के साहस, समर्पण और प्रतिबद्धता को समर्पित करता हूं।”
पुनीत बालन स्टूडियोज ने इस प्रोजेक्ट को केवल एक डॉक्यूमेंट्री के रूप में नहीं बल्कि भारत की सबसे प्रतिष्ठित सैन्य संस्था को ट्रिब्यूट देने के उद्देश्य से तैयार किया। लंबे रिसर्च, ऑथेंटिक डॉक्यूमेंटेशन और हाई प्रोडक्शन वैल्यूज़ के साथ तैयार की गई यह फिल्म नई पीढ़ी को एनडीए की प्रेरक कहानी से जोड़ती है।
इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद इस डॉक्यूमेंट्री को एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स, डिफेंस सर्किल्स, फिल्म फेस्टिवल्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अधिक दर्शक मिल सकते हैं। यह उपलब्धि डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकिंग में टेक्निकल एक्सीलेंस और मीनिंगफुल स्टोरीटेलिंग दोनों की अहमियत को भी रेखांकित करती है।
पुनीत बालन स्टूडियोज लगातार ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है जो भारत की विरासत, संस्थानों और प्रेरक कहानियों को व्यापक दर्शकों तक पहुँचाते हैं। '75 इयर्स ऑफ एनडीए' उसी विज़न का महत्वपूर्ण उदाहरण है और यह सम्मान स्टूडियो की क्रिएटिव यात्रा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है।
