स्कूली छात्रों को यौन शिक्षा क्यों
punjabkesari.in Monday, Sep 04, 2023 - 05:27 AM (IST)
अगस्त में प्रदर्शित बॉलीवुड की एक हिट फिल्म मेें स्कूली छात्रों के लिए सैक्स एजुकेशन के महत्व का मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मुद्दा स्कूली शिक्षा में संवेदनशील तो है ही, इसके साथ हमारे पुरातन समाज का समर्थन भी नहीं है, इसके बावजूद स्कूली छात्रों को यौन शिक्षा देने के पक्ष में शिक्षाविदों और मनोविज्ञानियों की राय और तर्क पर ध्यान देना जरूरी है।
सबसे पहले, बच्चों के समुचित विकास के लिए उनकी पढ़ाई में यौन शिक्षा को शामिल करना भी क्यों महत्वपूर्ण है। शिक्षाविद कहते हैं कि बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सही यौन शिक्षा देने के कई फायदे होते हैं और इससे उनके संपूर्ण विकास में सहायता मिलती है। इस विषय को गंभीरता से लेते हुए शिक्षक और मां-बाप बच्चों को वह ज्ञान दे सकते हैं जो उसके जीवन के कई स्तरों पर काम आएगा।
बच्चों को सैक्स एजुकेशन देने के क्या फायदे होते हैं। मनोविज्ञानी कहते हैं कि सैक्स एजुकेशन में मानव शरीर में रिप्रोडक्शन के अलावा और भी बहुत कुछ होता है। यह भरोसे, सम्मान और प्रभावी कम्युनिकेशन के आधार पर मजबूत रिश्ते बनाने में भी मदद कर सकती है। बच्चों को अपने पार्टनर की मर्जी और सीमा समझ आती है जिससे बड़े होने पर उनके रिश्ते में सम्मान और मजबूती आती है। ये स्किल्स सिर्फ लव लाइफ ही नहीं बल्कि दोस्ती, परिवार और सोशल लाइफ में भी काम आती हैं। बच्चे को उसके शरीर, पर्सनल सीमा तथा गुड और बैड टच आदि के बारे में बताकर आप उसे यौन हिंसा का शिकार होने से बचा सकते हैं। राजस्थान के शिक्षा कार्यक्रम में तो गुड टच और बैड टच पर कंटैंट बनाने की खबर आ रही है।
बहुत सारे शिक्षाविद कहते हैं कि स्कूल स्तर पर यौन शिक्षा अनिवार्य होनी चाहिए और स्कूल स्तर पर किसी बच्चे को सैक्स के बारे में शिक्षित करना कोई गलत बात नहीं है। हम सभी जानते हैं कि मीडिया, टैलीविजन और इंटरनैट के संपर्क के कारण आजकल बच्चों के पास स्पष्ट यौन सामग्री तक आसान पहुंच है। इसलिए हर बच्चे को इसके बारे में पता होता है और अपनी उम्र के हिसाब से उन्हें ज्ञान और समझ मिलती है। यौन-संबंधी अपराधों से संबंधित घटनाओं की संख्या बहुत अधिक है और इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि ज्यादातर मामलों में अपराधी युवा या किशोर होते हैं जिनका मानसिक विकास पूरा नहीं हुआ है और उन्हें दोनों लिंगों के बीच संबंधों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
आज भी हमारे समकालीन समाज का एक हिस्सा मानता है कि सैक्स एक गंदी चीज है और इसके बारे में कभी बात नहीं की जानी चाहिए, जबकि तथ्य यह है कि सैक्स मानव शरीर की अन्य क्षमताओं की तरह एक प्राकृतिक घटना है। यह बात स्कूली छात्रों को ठीक उम्र में समझानी चाहिए। स्कूली शिक्षा में यौन शिक्षा शुरू किए जाने की मांग उठने पर कोई इसके पक्ष में है तो कोई इसका विरोध करता नजर आ रहा है।-डा. वरिन्द्र भाटिया
