जहरीले वैवाहिक रिश्ते, आखिर क्या है हल?

punjabkesari.in Wednesday, Apr 01, 2026 - 05:12 AM (IST)

आजकल पति-पत्नी के रिश्ते में तनाव वैवाहिक जिंदगी को जहरीला बना रहा है यह भारतीय परिवारों के टूटने का एक बड़ा कारण बन गया है। ऐसा क्यों हो रहा है? आधुनिक समय में पुरुषों और महिलाओं की भूमिकाएं बदल रही हैं। अतीत में परंपरागत रूप से पति को परिवार का आर्थिक सहारा और पत्नी को घर का प्रबंधन करने की जिम्मेदारी दी जाती थी। आज, दोनों पक्ष समान रूप से काम और परिवार की जिम्मेदारियों को सांझा करते हैं, जिससे अपेक्षाओं में असंतुलन पैदा हो सकता है। पति-पत्नी के बीच संवाद की कमी एक बड़ा कारण है। यदि दोनों पक्ष अपनी भावनाओं, चिंताओं और अपेक्षाओं को खुलकर नहीं बताते, तो गलतफहमियां बढ़ती हैं। इससे रिश्ते में दूरी बढ़ सकती है और तनाव पैदा हो सकता है।

वैवाहिक रिश्तों की नींव विश्वास पर टिकी होती है। यदि दोनों में से किसी एक या दोनों को एक-दूसरे के प्रति शक या अविश्वास महसूस होने लगे, तो यह रिश्ते को खतरनाक बना सकता है। ऐसे मामलों में घर, जो एक सुरक्षित स्थान होना चाहिए, वही तनावपूर्ण और घातक बन जाता है। जब दोनों पक्ष अपनी जिम्मेदारियों को सांझा नहीं करते या एक-दूसरे के प्रति अन्यायपूर्ण व्यवहार करते हैं, तो यह रिश्ते में झगड़ों का कारण बन सकता है। उदाहरण के लिए, यदि पति परिवार के लिए पैसा कमाने में व्यस्त रहता है और पत्नी को घर का सारा काम संभालना पड़ता है, तो यह असंतोष का कारण बन सकता है। जब पति या पत्नी में से कोई भी हर स्थिति में ‘सही’ होने का वहम रखता है, तो यह रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है। एक स्वस्थ रिश्ते में दोनों पक्ष एक-दूसरे की गलतियों को स्वीकार करने और सुधार करने के लिए तैयार होते हैं लेकिन जब कोई भी खुद को हमेशा सही मानने लगे, तो यह रिश्ते को खतरनाक बना देता है।

आज की तेजी से बदलती जीवनशैली और काम के दबाव के कारण पति-पत्नी के बीच समय बिताने का अवसर कम होता जा रहा है। इससे दोनों पक्षों के बीच भावनात्मक दूरी बढ़ सकती है, जो रिश्ते को कमजोर कर सकती है। कई बार, पति-पत्नी के बीच रिश्ते परिवार या समाज के दबाव के कारण तनावपूर्ण हो जाते हैं। जैसे, सास-बहू के बीच झगड़े, बच्चों की पढ़ाई या शादी जैसे मुद्दे भी रिश्ते को प्रभावित कर सकते हैं। वर्तमान में घरेलू हिंसा के मामले भी बढ़ रहे हैं। यह न केवल पति-पत्नी के रिश्ते को खतरनाक बनाता है, बल्कि जानलेवा भी हो सकता है। आंकड़ों के अनुसार, हर 11वें मिनट में एक महिला का कत्ल हो जाता है, जो इस बात का सबूत है कि घरेलू रिश्ते कितने खतरनाक हो सकते हैं। शादीशुदा जिंदगी में तकरार और गलतफहमियां आम बात हैं, लेकिन जब बात बार-बार तानों और आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाली बातों तक पहुंच जाए, तो स्थिति गंभीर हो जाती है। एक व्यक्ति ने सवाल किया कि उसकी पत्नी अक्सर कहती है कि वह किसी लायक नहीं है और उससे शादी करके उनकी जिंदगी बर्बाद हो गई। ऐसे में वह क्या करे, ताकि रिश्ता बेहतर हो सके?

जहरीले वैवाहिक रिश्ते सुधारने का आखिर क्या हल है? मनोविज्ञान के मुताबिक, किसी भी रिश्ते की नींव खुली और ईमानदार बातचीत होती है। पति को चाहिए कि वह शांति से पत्नी से बात करे और यह समझने की कोशिश करे कि उसकी नाराजगी की असली वजह क्या है। बिना टोके और बिना जज किए बात सुनना रिश्ते में भरोसा बनाने की पहली शर्त है। रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए आत्ममंथन जरूरी है। कम्युनिकेशन स्किल, संवेदनशीलता और समझदारी पर काम करना आपको एक बेहतर जीवनसाथी बना सकता है। छोटे बदलाव भी रिश्ते में बड़ा फर्क ला सकते हैं। रिश्ते में अपनापन बनाए रखने के लिए छोटे-छोटे कदम बहुत मायने रखते हैं। प्यार भरे शब्द, सहयोग और सम्मान जताने से सामने वाले को यह महसूस होता है कि वह रिश्ते में अहम है। साथ ही, धैर्य रखना भी जरूरी है क्योंकि बदलाव वक्त लेता है। पति-पत्नी दोनों यह सोचें कि क्या रिश्ते में भरोसे, सम्मान या आपसी तालमेल से जुड़ी कोई गहरी समस्या है? जब तक असली वजह सामने नहीं आएगी, समाधान मुश्किल रहेगा। अगर हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और तनाव बढ़ता जा रहा है, तो कपल काऊंसलिंग से हिचकना नहीं चाहिए।

शादी को बेहतर बनाना दोनों की जिम्मेदारी होती है। जब दोनों साथी बदलाव के लिए तैयार होते हैं, तभी रिश्ता मजबूत बनता है। समय पर मदद लेना कमजोरी नहीं, बल्कि समझदारी का संकेत है। याद रखें, शादी को बेहतर बनाना दोनों की सांझी जिम्मेदारी होती है। जब दोनों साथी बदलाव के लिए तैयार हों, तभी रिश्ते में सच्चा सुधार आता है। वैवाहिक रिश्ते आजकल कई चुनौतियों का  सामना कर रहे हैं। इसलिए, दोनों पक्षों के लिए यह जरूरी है कि वे एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें, संवाद करें और समस्याओं का सामना करने के लिए एक साथ काम करें।-डा. वरिन्द्र भाटिया
 


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