खुशहाल जीवन यापन के लिए करें आचार्य चाणक्य की नीतियों पर अमल

Tuesday, January 3, 2017 4:06 PM
खुशहाल जीवन यापन के लिए करें आचार्य चाणक्य की नीतियों पर अमल

आचार्य चाणक्य का जन्म आज से लगभग 2400 वर्ष पहले हुआ था। उन्होंने  ‘चाणक्य नीति’, अर्थशास्त्र, राजनीति, अर्थनीति, कृषि, समाज नीति आदि महान ग्रंथों की रचना की। चाणक्य जीवन दर्शन के ज्ञाता थे। उन्होंने अपने जीवन से प्राप्त अनुभवों से नियमों का निर्माण कर उन्हीं का लोगों को उपदेश दिया। आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति ग्रंथ की रचना की है। इस ग्रंथ में जीवन-सिद्धांत, जीवन-व्यवहार, आदर्श और यथार्थ के सुन्दर समन्वय के दर्शन होते हैं। इसमें जीवन को सुखमय एवं सफल बनाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए गए हैं। जिन पर अमल करने से व्यक्ति खुशहाल जीवन यापन कर सकता है।

 

* चाणक्य के अनुसार भाग्य उन्हीं का साथ देता है जो संकट में भी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहते हैं।

 

* व्यक्ति को कभी भी अपनी कमजोरी दूसरों के सामने उजागर नहीं करनी चाहिए। 

 

* किसी भी कार्य को शुरू किया है तो उसे असफलता के डर से न छोड़े। 

 

* काम को आरंभ करने से पूर्व स्वयं से तीन प्रश्न करें। मैं क्या कर रहा हूं, इसका क्या परिणाम होगा अौर क्या मुझे इसमें सफलता मिलेगी। इन प्रश्नों के उत्तर मिलने के बाद ही कार्य को शुरू करें। 

 

* अपनी योजना को किसी के सामने उजागर नहीं करना चाहिए। इसे रहस्य बनाकर रखना चाहिए। 

 

* चाणक्य के अनुसार ताकत न होते हुए भी मन से हार न मानने वाले को कोई भी नहीं हरा सकता। 

 

* किसी भी कार्य को कल के लिए नहीं छोड़ना चाहिए। अगले पल क्या हो जाए कोई नहीं जानता इसलिए हर काम समय पर कर लेना चाहिए। 


 



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