इस रंग की स्याही से लिखने पर मिलती है 100% success
punjabkesari.in Thursday, Feb 04, 2016 - 02:25 PM (IST)

भारतीय धार्मिक शास्त्रों में स्याही को आदिशक्ति काली का रूप माना गया है। वैदिक काल में स्याही एकमात्र माध्यम थी जो भावनाओं और भावों को प्रगट करती थी। पुरातन पद्धतियों के अनुसार वैदिक मंत्र ऐसी ही स्यहीयों से बनाए जाते हैं। पंचतत्व सिद्धात के अनुसार स्याही गंध वाली आती है। जिसका संबंध जल तत्व से होता है। जल तत्व पर चन्द्रमा का अधिपत्य होता है। स्याही को लेखन और अध्ययन से भी जोड़ कर देखा जाता है। जिसके अनुरूप स्याही बृहस्पति और बुध ग्रह के अंतर्गत आती है। विभिन्न स्याहीयों के प्रयोग से द्वादश राशियों के स्वामी अपना भाग्य बदल सकते हैं और अपने जीवन को संवार सकते हैं।
मेष- सुर्ख स्याही का प्रयोग, अलता से बनी वैदिक स्याही का प्रयोग या लाल रंग का पैन इस्तेमाल करें।
वृष- हरे रंग की स्याही अथवा पैन का प्रयोग करें।
मिथुन- गुलाबी स्कैच इस्तेमाल करें।
कर्क- नारंगी रंग के स्कैच से लिखें।
सिंह- पीले रंग का स्कैच यूज करें।
कन्या- काली स्याही अथवा काला पैन गुड लक लाता है।
तुला- नीली स्याही सफलता दिलाएगी।
वृश्चिक- गोल्डन या केसरी रंग शुभता देगा।
धनु- लाल चंदन या लाल पैन मंगलप्रद है।
मकर- गुलाबी स्कैच से लिखें।
कुंभ- हरे स्कैच या हरा पैन लकी है।
मीन- सफेद चंदन या सिल्वर स्कैच तरक्की देगा।
आचार्य कमल नंदलाल
ईमेल: kamal.nandlal@gmail.com