क्रिप्टोकरेंसी पर RBI की चेतावनियों को न करें नजरअंदाज
punjabkesari.in Monday, Apr 20, 2026 - 03:30 PM (IST)
बिजनेस डेस्कः भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ गई हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने निवेशकों को सतर्क करते हुए स्पष्ट किया है कि डिजिटल करेंसी में निवेश जोखिम से भरा हुआ है और इससे जुड़े खतरे लगातार बढ़ रहे हैं। बावजूद इसके, तेजी से मुनाफा कमाने के लालच में बड़ी संख्या में लोग बिना पूरी जानकारी के इस बाजार में उतर रहे हैं।
कानपुर के एक सेवानिवृत्त बैंकर के साथ एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जिन्होंने क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर हुई धोखाधड़ी में ₹2.52 करोड़ गंवा दिए। यह पूरी घटना एक महीने से भी कम समय में हुई। जालसाजों ने पहले उनसे चैट के जरिए संपर्क किया और फिर वीडियो कॉल के माध्यम से भरोसा जीता। उन्हें बहुत जल्दी और अधिक मुनाफा कमाने का लालच दिया गया, जिसके झांसे में आकर उन्होंने न केवल अपनी जीवन भर की बचत, बल्कि परिवार के सोने के गहने और उधार लिया हुआ पैसा भी इस सट्टे में लगा दिया।
रिजर्व बैंक (RBI) की कड़ी चेतावनी
भारतीय रिजर्व बैंक लगातार जनता को चेतावनी दे रहा है कि क्रिप्टोकरेंसी के खतरों को नजरअंदाज न करें।
आरबीआई के मुख्य तर्क इस प्रकार हैं:
आरबीआई के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी कोई मुद्रा नहीं बल्कि ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित एक सट्टा है।
कोई अंतर्निहित मूल्य नहीं: इसका अपना कोई वास्तविक मूल्य नहीं है और इसे कोई कानूनी वैधता नहीं दी जानी चाहिए।
सुरक्षा जोखिम: क्रिप्टो की गोपनीयता इसे मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग, अवैध भुगतान, तस्करी, हवाला और टैक्स चोरी का एक माध्यम बनाती है।
नियंत्रण का अभाव: आरबीआई का कहना है कि वह ऐसे किसी तंत्र को स्वीकार नहीं कर सकता जिस पर उसका कोई नियंत्रण न हो।
भारत में नियमन (Regulation) की स्थिति भारत में क्रिप्टो का क्रेज महानगरों से निकलकर छोटे शहरों तक पहुंच गया है और अनुमान के मुताबिक लगभग 2 करोड़ लोग इससे जुड़े हैं।
कानूनी उलझन
हालांकि सरकार ने 2022 में क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30% टैक्स और 1% TDS लागू किया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसे कानूनी मान्यता मिल गई है। यह अभी भी नियमन के दायरे से बाहर है।
