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दायची-रैनबैक्सी: ‘एसआरएल’ ट्रेडमार्क की बिक्री पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने रोक लगाई

2020-07-09T19:56:02.763

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने रैनबैक्सी के ‘एसआरएल’ ट्रेडमार्क की बिक्री या इस पर किसी तीसरे पक्ष के खरीदने में रुचि दिखाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत ने ऐसा जापानी कंपनी दायची सान्यको के इसे बेचकर रैनबैक्सी के पूर्व प्रवर्तक मलविंदर मोहन सिंह और शिविंदर मोहन सिंह से बकाया वसूली करने की अनुमति मांगने के चलते किया है।

न्यायाधीश रेखा पल्ली ने दायची की ‘एसआरएल’ और अन्य संबंधित ट्रेडमार्क बेचे जाने की याचिका पर सिंह बंधुओं से जवाब मांगा है। साथ ही जजमेंट डिबेटर्स (हेडवे ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड) पर रैनबैक्सी के मालिकाना हक, इक्विटी शेयर और परिसंपत्तियों को किसी भी तीसरे पक्ष को बेचने, हस्तांतरित करने को लेकर रोक लगा दी है। यह रोक कंपनी के ‘एसआरएल’ ब्रांड नाम पर भी लागू होती है।

अदालत दायची की सिंगापुर मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले का अनुपालन कराने की याचिका पर सुनवाई कर रही है। सिंगापुर की मध्यस्थता अदालत ने अप्रैल 2016 में फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तक सिंह बंधुओं को दायची को 3,500 करोड़ रुपये अदा करने का फैसला सुनाया था।

अदालत ने बुधवार को आदेश दिया जो बृहस्पतिवार को उपलब्ध हुआ। अदालत ने कहा कि तिहाड़ जेल में बंद सिंह बंधुओं के वकीलों के अनुरोध पर अदालत उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने वकीलों से बातचीत करने की अनुमति देती है। संबंधित जेल अधीक्षक को इसके लिए सभी अनिवार्य सहायता उपलब्ध करानी होगी।

सिंह बंधु रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड के कोष में कथित हेराफेरी के मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

अदालत ने कहा कि इस बीच इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि यह ट्रेडमार्क 29 अप्रैल 2016 के बाद आवंटित किया गया। इसलिए अदालत हेडवे ब्रांच को इस पर किसी तीसरे पक्ष की दावेदारी बनाने से रोक लगाती है।

अदालत ने मामले में अगली सुनवाई की तारीख 28 जुलाई तय की है।



यह आर्टिकल पंजाब केसरी टीम द्वारा संपादित नहीं है, इसे एजेंसी फीड से ऑटो-अपलोड किया गया है।

Edited By

PTI News Agency

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