पंजाब में डिप्टी सीएम बनाने को लेकर नई अपडेट, भगवंत मान और दिल्ली हाईकमान के बीच खींचतान!
punjabkesari.in Wednesday, Feb 18, 2026 - 12:06 PM (IST)
चंडीगढ़: 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब में दलित नेता को उपमुख्यमंत्री बनाने की आम आदमी पार्टी (आप) की रणनीतिक योजना फिलहाल रुक गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व के भीतर आपसी मतभेद और दो वरिष्ठ मंत्रियों के बीच खींचतान इस फैसले में देरी का मुख्य कारण बनी है।
गौरतलब है कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पहली बार 2017 के चुनावों के दौरान यह वादा किया था कि पंजाब में सरकार बनने पर दलित समुदाय से उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के लगभग 32.5 प्रतिशत अनुसूचित जाति वोट बैंक को पार्टी के साथ जोड़ना था। हालांकि, अब जब पार्टी इस वादे को अमल में लाने की तैयारी कर रही थी, मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली स्थित हाईकमान के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
उम्मीदवारों को लेकर फंसा पेंच
इस पद के लिए दो प्रमुख नाम चर्चा में हैं—वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार जहां चीमा को पार्टी का संकटमोचक और प्रभावशाली वित्त मंत्री माना जाता है, वहीं मुख्यमंत्री मान डॉ. बलजीत कौर के नाम का समर्थन कर रहे हैं। संबंधित पक्षों के बीच किसी एक नाम पर सहमति न बनने के कारण यह मामला फिलहाल अटक गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इस मुद्दे पर महाशिवरात्रि के दिन धूरी में दिल्ली हाईकमान के नेताओं और मुख्यमंत्री के बीच चर्चा हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री की तबीयत खराब हो गई और उन्हें फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वे मोगा रैली में पहुंचे, लेकिन उसी शाम फिर से तबीयत बिगड़ने पर दोबारा फोर्टिस अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
संजीव अरोड़ा के नाम की भी चर्चा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दलित उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ राज्य में हिंदू समुदाय से भी एक उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। इसके लिए संजीव अरोड़ा का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के पूरी तरह स्वस्थ होने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अनुसार उम्मीदवार के चयन पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है और दिल्ली व पंजाब नेतृत्व के बीच विचार-विमर्श जारी है।
