पंजाब केसरी पर कार्रवाई तानाशाही की निशानी, भगवंत मान सरकार लोकतंत्र से डरी हुई: तरुण चुघ

punjabkesari.in Thursday, Jan 15, 2026 - 10:40 PM (IST)

पंजाब डेस्क: पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार द्वारा जालंधर स्थित प्रतिष्ठित मीडिया हाउस ‘हिंद समाचार ग्रुप’ (पंजाब केसरी/जगबानी) के खिलाफ कार्रवाई ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। भाजपा ने इसे लोकतंत्र और मीडिया स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है।

भाजपा महासचिव तरुण चुघ ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर कहा कि जब सत्ता असुरक्षित होती है, तो कुछ सरकारें सच को दबाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार मीडिया संस्थानों, पत्रकारों और मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को निशाना बना रही है, जो जनता की आवाज़ को दबाने का गंभीर प्रयास है।

हाल ही में पंजाब केसरी मीडिया हाउस पर हुई छापेमारी के मामले को भाजपा ने केजरीवाल–भगवंत मान सरकार की असंवैधानिक और तानाशाही प्रवृत्ति बताया। भाजपा ने इसे 1975 के आपातकाल की घटना से जोड़ा, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रेस और लोकतंत्र पर अंकुश लगाया था।

तरुण चुघ ने कहा, "जैसे 1977 में जनता ने इंदिरा गांधी की तानाशाही को समाप्त किया था, वैसे ही पंजाब की जनता 2027 में केजरीवाल और भगवंत मान की सत्ता के खिलाफ अपना निर्णय देगी।"

भाजपा का कहना है कि पंजाब केसरी सिर्फ एक अखबार नहीं बल्कि राष्ट्रवादी और लोकतांत्रिक संस्थान है, जिसने आतंकवाद और आपातकाल के कठिन समय में भी सच की आवाज़ को कभी दबने नहीं दिया। कई पत्रकारों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्य के लिए बलिदान दिया, लेकिन लेखनी कभी नहीं रुकी।

भाजपा ने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता को दबाने के ये प्रयास असंवैधानिक और घोर निंदनीय हैं। हाल ही में AAP सरकार के तहत पत्रकारों के खिलाफ FIR दर्ज की गई, CM के हेलीकॉप्टर के दुरुपयोग पर सवाल उठाने पर मीडिया वाहनों को रोका, धमकाया और डराया गया।

तरुण चुघ ने राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और चेतावनी दी कि जनता इस मुद्दे पर बारीकी से नजर रख रही है और उचित समय पर इसका जवाब देगी।

 

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Content Editor

VANSH Sharma

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