जंतर मंतर प्रोटेस्ट में PM मोदी को गाली देकर वायरल हुई युवती का सामने आया नया Video, कहा- ''मेरी गलती माफ करने लायक नहीं''
punjabkesari.in Saturday, Aug 01, 2026 - 08:26 AM (IST)
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जुलाई को हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने की आरोपी रुचिका सिंह ने ऑनलाइन सामने आए एक वीडियो में माफी मांगी है।
वायरल वीडियो में यह कहते हुए दिख रही है कि वह कनॉट प्लेस घूमने के बाद दोस्तों के साथ विरोध प्रदर्शन में गई थी और अपने आस-पास के लोगों से प्रभावित हो गई थी, जो प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों वाले नारे लगा रहे थे। हाथ जोड़े हुए दिखने वाला यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वह कहती है, "मैं उन लोगों के प्रभाव में आ गई थी। मैं सिर्फ़ 15 साल की हूं। मैंने जो कुछ भी किया, वह माफी के लायक नहीं था। मैंने बहुत बुरी बातें कही हैं। इसे अपनी पहली और आखिरी गलती बताते हुए वह आगे कहती है, मैं पूरे देश से माफ़ी मांगती हूं। मुझे बहुत शर्म आ रही है। मैं खुद को देख भी नहीं पा रही हूं। कृपया मुझे माफ कर दें।''
बता दें कि यह वीडियो शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक वीडियो संदेश के कुछ घंटों बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें अपशब्द कहने के आरोपी छात्रों को माफ कर दिया है और समाज से अपील की है कि उन्हें सज़ा देने के बजाय सही रास्ता दिखाया जाए। PM मोदी ने कहा, "मेरे और मेरी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल किए गए अपशब्द बहुत परेशान करने वाले थे। लेकिन युवाओं को अपनी गलतियों से सीखने का मौका दिया जाना चाहिए।"
Ruchika singh who made derogatory remarks against PM Modi and Italian PM Georgia Meloni has apologised. FIR against her should be dropped and she should be counseled pic.twitter.com/p5SQ02N4TZ
— Hindutva Knight (@HPhobiaWatch) July 31, 2026
इससे पहले, 23 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर अपमानजनक नारे लगाने के मामले में 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में रुचिका सिंह के खिलाफ ज़ीरो FIR दर्ज की गई थी। शिकायत के अनुसार, रुचिका ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जिससे कथित तौर पर संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि ये टिप्पणियां जानबूझकर नफरत फैलाने और सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से की गई थीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद ज़ीरो FIR को दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन भेज दिया गया, जो मामले की जांच करेगा और आगे की कानूनी कार्रवाई करेगा।
मिली जानकारी के मुताबिक, रुचिका सिंह नोएडा की एक हाउसिंग सोसाइटी में अपनी मां के साथ रहती थीं। फिलहाल अपार्टमेंट बंद है और सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद से वह वापस नहीं लौटी हैं। पुलिस ने सोसाइटी का दौरा भी किया है और चल रही जांच के तहत वहां रहने वाले लोगों से पूछताछ की है। FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए, विरोध प्रदर्शन आयोजित करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सिंह के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की आलोचना की।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, "आपत्तिजनक या अपमानजनक भाषा को सही नहीं ठहराया जा सकता, लेकिन ऐसी टिप्पणियों के लिए आपराधिक मुकदमा चलाने से अभिव्यक्ति की आजादी पर बुरा असर पड़ेगा।" उन्होंने तर्क दिया कि जिन लोगों को शिकायत है, उन्हें आपराधिक न्याय प्रणाली का सहारा लेने के बजाय मानहानि का मुकदमा करना चाहिए।
