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NCP चीफ शरद पवार ने मोदी सरकार से पूछा- राम मंदिर के लिए ट्रस्ट तो मस्जिद के लिए क्यों नहीं?

2020-02-19T21:11:13.803

नेशनल डेस्कः राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लखनऊ में कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारें मजहब के नाम देश को बांट रही है। अयोध्या में राममंदिर के निर्माण पर पवार ने कहा कि जैसे मंदिर के लिए ट्रस्ट बना, वैसे ही मस्जिद के लिए भी बनायें। देश सबका है और सरकार सबकी, सभी मजहब वालों की है।

राकांपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा एक के बाद राज्यों में चुनाव हारती गई, चाहे मध्य प्रदेश हो, राजस्थान हो या दिल्ली। दिल्ली में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी जुटे। भाजपा नेताओं की डयूटी लगायी गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री लगाये गए।

सरकार बताए बेरोजगारी कैसे जाएगी
पवार ने कहा कि आज किसान आत्महत्या करने पर मजबूत हो रहे हैं। खाद और तेल के दाम बढ़ रहे हैं। बैंकों और साहूकारों का पैसा वापस नहीं कर पाने की स्थिति में बेइज्जती से बचने के लिए कभी कभी किसान आत्महत्या कर लेते हैं। यह देश का दुर्भाग्य है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में हर क्षेत्र में बेरोजगारी बढी। बेरोजगारी रहेगी तो मुल्क में शांति कैसे रहेगी। आज का नौजवान रोजी रोटी के लिए दूसरे राज्यों का रूख करता है। ये स्थिति ठीक नहीं है। सरकार जवाब दे कि बेरोजगारी कैसे जाएगी।

मन के खिलाफ विदेश से मंगवाया गेहूं
एनसीपी प्रमुख ने कहा, ''2004 में जब मैं कृषि मंत्री बना तो शपथ के पहले ही दिन एक फाइल मेरे सामने आई। उसमें था कि देश के पास गेहूं नहीं है और आयात करना होगा। यह जानकर बहुत दु:ख हुआ। इतना बड़ा देश और हमें अमेरिका, ब्राजील या आस्ट्रेलिया से गेहूं खरीदने की नौबत आये। फाइल दूर रख दी। अगले दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का फोन आया कि गोदामों में अनाज काफी कम है। जितनी जल्दी संभव हो, इंतजाम किया जाए। मैंने अपने मन के खिलाफ विदेश से गेहूं मंगाया। तभी तय किया कि स्थिति में बदलाव लाना है। 2014 में मैंने कृषि मंत्री का पद छोडा तो खुशी इस बात की थी कि 2004 में आयात किया था लेकिन 2014 में जब छोड़ा तो भारत दुनिया के देशों को अनाज भेजने वाला देश बन गया। भारत ने पहले नंबर पर चावल पैदा किया और निर्यात किया। दूसरे नंबर पर गेहूं पैदा किया और निर्यात किया। चीनी का निर्यात किया।''

 


Yaspal

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