मोरक्को के 49,000 लोगों को क्यों छोड़ना पड़ा देश? सियुटा में मचा हाहाकार !
punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 07:20 PM (IST)
Morocco Spain Migrant Crisis: आमतौर पर मोरक्को से स्पेन जाने वाले प्रवासियों के दिमाग में सबसे पहले स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर महज 14 किलोमीटर चौड़ा जलडमरूमध्य का ख्याल आता है। लेकिन इस बार कहानी पूरी तरह अलग रही। हजारों लोगों ने समुद्र पार करने की बजाय सीधे अफ्रीकी जमीन पर बसे स्पेनिश शहर सियुटा में घुसपैठ कर दी। गुरुवार को लगभग 49,000 लोग मोरक्को-सियुटा सीमा पार करके स्पेनिश क्षेत्र में पहुंच गए। हालात इतने बिगड़ गए कि स्पेन को सेना भेजनी पड़ी। इस दौरान कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई।
क्या हुआ सियुटा में?
सियुटा स्पेन का वह इलाका है जो भौगोलिक रूप से अफ्रीका में स्थित है और जिसकी जमीनी सीमा सीधे मोरक्को से लगती है। प्रवासियों ने सीमा की बाड़ फांदकर, तोड़कर और समुद्र में बने ब्रेकवॉटर के आसपास तैरकर शहर में प्रवेश किया। स्थिति इतनी गंभीर हुई कि स्पेनिश अधिकारियों को आंसू गैस, पानी की तोपें और दंगा-रोधी बल का सहारा लेना पड़ा।
कौन थे ये प्रवासी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भीड़ में ज्यादातर युवा मोरक्को के नागरिक थे। इनके पीछे मुख्य वजह लंबे समय से चली आ रही बेरोजगारी है। साथ ही कुछ परिवार, महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे जो बेहतर जीवन और यूरोप में बसने की उम्मीद लेकर आए थे।
कानूनी फैसले ने बढ़ावा दिया?
हाल ही में स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया था कि समुद्र में पकड़े गए प्रवासियों को तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता। उन्हें पहले स्पेन लाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। मानव तस्करी के नेटवर्क ने इस फैसले का फायदा उठाते हुए मोरक्को में खबर फैलाई कि “अब स्पेन पहुंचना आसान हो गया है”। उनका प्लान यह था कि कानूनी प्रक्रिया में समय लगने के दौरान ये लोग यूरोप के दूसरे देशों में भाग सकें।
La policía marroquí vacía camiones enteros cargados con varones en edad militar para que asalten la frontera española. Todo está organizado y planificado. pic.twitter.com/GxX5aw5wM1
— Sr.Liberal (@SrLiberal) July 30, 2026
जियोपॉलिटिक्स का खेल?
सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इस संकट के पीछे सिर्फ आर्थिक कारण नहीं, बल्कि जियोपॉलिटिक्स भी हो सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मोरक्को की सुरक्षा एजेंसियों ने शुरुआत में कुछ अहम बॉर्डर पॉइंट्स पर निगरानी ढीली कर दी थी, जिससे इतनी बड़ी भीड़ एक साथ सीमा की ओर बढ़ सकी। बाद में स्थिति नियंत्रण में लाने के प्रयास किए गए।
