Medicine Alert: दवा के पत्तों पर क्यों होती है लाल और नीली लाइन? खरीदने से पहले जान लें इसके पीछे की असली वजह

punjabkesari.in Wednesday, Feb 11, 2026 - 11:46 AM (IST)

नेशनल डेस्क: अक्सर दवा खरीदते समय हम सिर्फ उसके नाम, कीमत और एक्सपायरी डेट पर ध्यान देते हैं, लेकिन दवा के पत्ते पर बनी रंगीन लाइनों (Colored Lines on Medicine Strip) पर नजर नहीं डालते। ये लाल, नीली, हरी और काली लाइनें सिर्फ पैकिंग का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि मरीज और फार्मासिस्ट दोनों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी का काम करती हैं। इनका सही अर्थ समझना स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद जरूरी है।

लाल लाइन: डॉक्टर की सलाह अनिवार्य
दवा की स्ट्रिप पर लाल लाइन (Red Line on Medicine) होने का मतलब है कि यह दवा केवल डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन पर ही ली जा सकती है। बिना सलाह के इसका सेवन शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है। आमतौर पर एंटीबायोटिक, तेज दर्द की दवाएं, मानसिक स्वास्थ्य या हार्मोन से जुड़ी दवाओं पर यह लाइन होती है। फार्मासिस्ट के लिए यह चेतावनी भी होती है कि बिना पर्चे के दवा किसी को न दी जाए।


नीली लाइन: डॉक्टर की निगरानी जरूरी
नीली लाइन (Blue Line on Medicine) वाली दवाएं शेड्यूल G दवाओं के अंतर्गत आती हैं। इन्हें डॉक्टर की निगरानी में ही लेना चाहिए क्योंकि लंबे समय तक लेने पर शरीर पर असर पड़ सकता है। मरीज को इन दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर के निर्देशानुसार ही करना चाहिए।


हरी लाइन: ओवर-द-काउंटर दवाएं
हरी लाइन (Green Line on Medicine) वाली दवाएं आमतौर पर ओवर-द-काउंटर (OTC) होती हैं। ये हल्के बुखार, सिरदर्द या मामूली दर्द में इस्तेमाल की जाती हैं और सामान्य रूप से सुरक्षित मानी जाती हैं। हालांकि, जरूरत से ज्यादा इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।


काली लाइन: गंभीर साइड इफेक्ट का संकेत
दवा की स्ट्रिप पर काली लाइन (Black Line on Medicine) गंभीर साइड इफेक्ट्स की चेतावनी देती है। ऐसी दवाओं का इस्तेमाल केवल डॉक्टर की सलाह से करना चाहिए, क्योंकि गलत इस्तेमाल से शरीर को नुकसान पहुंच सकता है। दवा की इन रंगीन लाइनों को समझना हर मरीज के लिए जरूरी है। यह न केवल सुरक्षित दवा लेने में मदद करती हैं, बल्कि गलत या जरूरत से ज्यादा दवा लेने से होने वाले जोखिम से भी बचाती हैं।


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Content Editor

Mansa Devi

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