कौन है मैथ्यू वैनडाइक? भारत में ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग केस में गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक की पूरी कहानी

punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 01:32 AM (IST)

नेशनल डेस्कः भारत की सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने एक बड़े ऑपरेशन में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को 6 यूक्रेनी नागरिकों के साथ गिरफ्तार किया है। यह मामला ड्रोन वॉरफेयर ट्रेनिंग, अवैध सीमा पार करने और पूर्वोत्तर के पास सक्रिय सशस्त्र समूहों से संबंधों से जुड़ा है।

कौन है मैथ्यू वैनडाइक?

मैथ्यू वैनडाइक खुद को सिक्योरिटी एनालिस्ट, वॉर कॉरेस्पॉन्डेंट और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर बताता है। उसे पहली बार अंतरराष्ट्रीय पहचान 2011 के लीबियाई गृहयुद्ध के दौरान मिली, जब वह लीबिया में विद्रोही लड़ाकों के साथ शामिल हुआ और वहां कैद भी रहा। इसके बाद उसने सन्स ऑफ़ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI) नाम की संस्था बनाई, जो दुनिया के अलग-अलग संघर्ष क्षेत्रों में स्थानीय सशस्त्र समूहों को ट्रेनिंग और रणनीतिक सलाह देती है।

भारत में कैसे पहुंचा मामला?

मैथ्यू वैनडाइक को कोलकाता से गिरफ्तार किया गया, जबकि 3 यूक्रेनी नागरिक लखनऊ से, 3 यूक्रेनी नागरिक दिल्ली से पकड़े गए। सभी आरोपियों को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने 11 दिन की NIA कस्टडी दी। अगली पेशी 27 मार्च को होनी है।

क्या है पूरा मामला?

NIA के सूत्रों के मुताबिक 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग तारीखों में टूरिस्ट वीजा पर भारत आए, वे गुवाहाटी पहुंचे और वहां से बिना जरूरी परमिट के मिजोरम गए। फिर अवैध रूप से म्यांमार में घुस गए। इनका मकसद म्यांमार में एथनिक आर्म्ड ग्रुप्स (EAGs) को ड्रोन वॉरफेयर की ट्रेनिंग देना था।

ड्रोन और हथियारों की साजिश

जांच में सामने आया है कि यूरोप से बड़ी संख्या में ड्रोन मंगाए गए। इन ड्रोन को भारत के रास्ते म्यांमार भेजा गया और इनका इस्तेमाल ट्रेनिंग कैंप में किया जाना था। NIA के अनुसार, म्यांमार के कुछ सशस्त्र समूहों के संबंध भारत में प्रतिबंधित संगठनों से भी हैं, जो भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

जांच में क्या हो रहा है?

आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। उनके नेटवर्क और भारत में संभावित कनेक्शन तलाशे जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि ड्रोन भारत के जरिए कैसे भेजे गए।

पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी

मार्च 2025 में लालदुहोमा ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका और ब्रिटेन के भाड़े के सैनिक और पूर्व सैनिक मिजोरम के रास्ते म्यांमार जा रहे हैं, जहां वे स्थानीय समूहों को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

क्यों अहम है यह मामला?

  • यह मामला भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है

  • ड्रोन वॉरफेयर और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की आशंका

  • पूर्वोत्तर में उग्रवादी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने का खतरा


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Content Writer

Pardeep

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