भारत के खिलाफ कोई बड़ी साजिश! NIA ने एक अमेरिकी और 6 यूक्रेनी नागरिकों को दबोचा
punjabkesari.in Wednesday, Mar 18, 2026 - 01:12 AM (IST)
नेशनल डेस्कः भारत की सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने एक फिल्मी अंदाज में बड़ी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी तीन अलग-अलग एयरपोर्ट से की गई। कोलकाता से मैथ्यू वैनडाइक को पकड़ा गया। इसके अलावा लखनऊ और दिल्ली से 3-3 यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार यूक्रेनी नागरिकों के नाम हैं:
पेट्रो हुरबा, तारास स्लिवियाक, इवान सुकमानोव्स्की, मारियन स्टेफनकिव, मक्सिम होंचारुक और विक्टर कामिंस्की। यह गिरफ्तारी 13 मार्च को की गई थी।
11 दिन की NIA कस्टडी
16 मार्च को दिल्ली के Patiala House Courts की विशेष NIA अदालत ने सभी आरोपियों को 11 दिन की हिरासत में भेज दिया। इन पर Unlawful Activities Prevention Act (UAPA) के तहत केस दर्ज किया गया है।
क्या हैं आरोप?
NIA के मुताबिक सभी आरोपी बिना परमिट मिजोरम पहुंचे। वहां से अवैध तरीके से म्यांमार में घुस गए और उन्होंने वहां एथनिक आर्म्ड ग्रुप्स (EAGs) से संपर्क किया। इन समूहों का संबंध पूर्वोत्तर भारत के उग्रवादी संगठनों से बताया जा रहा है।
हथियार और ड्रोन ट्रेनिंग की साजिश
NIA के FIR के अनुसार, इस समूह की योजना थी:
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उग्रवादियों को ट्रेनिंग देना
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हथियारों की सप्लाई करना
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यूरोप से लाए गए ड्रोन का इस्तेमाल करना
खास तौर पर ड्रोन वॉरफेयर, ऑपरेशन, असेंबली और जैमिंग टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग देने की बात सामने आई है।
कौन है मैथ्यू वैनडाइक?
मैथ्यू वैनडाइक एक अमेरिकी नागरिक है, जो कई भूमिकाओं में जाना जाता है:
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भाड़े का सैनिक (Mercenary)
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इंटरनेशनल सिक्योरिटी एनालिस्ट
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डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर
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Sons of Liberty International (SOLI) का संस्थापक
कई युद्धों में ले चुका है हिस्सा
2011 के लीबिया गृहयुद्ध में उसने विद्रोही सेना के साथ लड़ाई लड़ी। ISIS के खिलाफ इराक में लड़ चुका है। इसके अलावा सीरिया में विद्रोह में शामिल रहा और 2022 से रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेन की मदद की। वह यूक्रेन में नागरिकों और सैनिकों को ट्रेनिंग भी दे चुका है और ड्रोन तकनीक पर काम कर चुका है।
जांच जारी
NIA के मुताबिक, म्यांमार में उसकी गतिविधियों और भारत की सुरक्षा से जुड़े खतरे की जांच अभी जारी है। यह मामला भारत की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा माना जा रहा है और एजेंसियां इसकी हर एंगल से जांच कर रही हैं।
