सिस्टम की बेरुखी ने रोंगटे खड़े किए, बैंक ने मांगा डेथ सर्टिफिकेट तो बहन का 'कंकाल' कंधे पर लाद Bank पहुंच गया बेबस भाई
punjabkesari.in Tuesday, Apr 28, 2026 - 04:04 AM (IST)
नेशनल डेस्क: ओडिशा के क्योंझर जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और बैंकिंग सिस्टम की जटिलताओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां के पटना इलाके में एक व्यक्ति अपनी मृत बहन के खाते से पैसे निकालने के लिए उसका कंकाल कंधे पर लादकर बैंक पहुंच गया। यह मंजर देख बैंक कर्मियों और वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दियानाली गांव के रहने वाले जीतू मुंडा की बड़ी बहन की करीब दो महीने पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी। बहन ने अपनी मृत्यु से पहले मवेशी बेचकर 19 हजार रुपये जुटाए थे, जो ओडिशा ग्राम्य बैंक में जमा थे। गरीबी से जूझ रहे जीतू को उन पैसों की सख्त जरूरत थी।
नियमों की बेड़ियां और भाई की लाचारी
जीतू मुंडा अपनी बहन का इकलौता वारिस था। वह बैंक से पैसे निकालने पहुंचा, तो अधिकारियों ने नियमों का हवाला देते हुए मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) और अन्य कानूनी दस्तावेज पेश करने को कहा। अनपढ़ और गरीब जीतू के पास कोई कागजात नहीं थे। बैंक के चक्कर काटकर थक चुके जीतू ने अंततः अपनी बहन की मृत्यु का 'जीवंत सबूत' पेश करने का खौफनाक फैसला लिया।
कब्र खोदकर निकाला शव, 3 KM पैदल चला
सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर जीतू ने अपनी बहन के शव को कब्र से बाहर निकाला। उस समय तक शव कंकाल में तब्दील हो चुका था। जीतू उस कंकाल को अपने कंधे पर लादकर करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक तक ले गया। वह बैंक के बाहर कंकाल रखकर धरने पर बैठ गया और कई घंटों तक वहां पैसों की मांग करता रहा।
इस घटना ने प्रशासन और समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां बैंक अपनी कागजी औपचारिकताओं पर अड़ा रहा, वहीं दूसरी तरफ गरीबी और बेबसी ने एक भाई को इस हद तक मजबूर कर दिया कि उसे अपनी बहन की रूह को भी चैन नहीं लेने दिया।
