क्या होता है White-Collar Terrorism? इससे राष्ट्र और समाज को कैसे नुक्सान पहुंचता है?
punjabkesari.in Friday, Jan 02, 2026 - 06:11 PM (IST)
White-Collar Terrorism: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में 'व्हाइट-कॉलर टेररिज्म' (White-Collar Terrorism) को देश के लिए एक उभरती और गंभीर चिंता बताया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि White-Collar Terrorism क्या है और इसके देश को क्या नुक्सान हैं?
व्हाइट-कॉलर टेररिज्म क्या है?
रक्षा मंत्री के अनुसार यह एक ऐसी स्थिति है जहाँ अत्यंत शिक्षित और पेशेवर लोग समाज और राष्ट्र के विरुद्ध आपराधिक या आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि नैतिकता और संस्कारों के बिना उच्च शिक्षा समाज के लिए 'घातक' सिद्ध हो सकती है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा उल्लेखित 'व्हाइट-कॉलर टेररिज्म' (White-Collar Terrorism) समाज और राष्ट्र के लिए अत्यंत घातक है। इसके मुख्य नुकसान निम्नलिखित हैं:
- समाज के विश्वास का टूटना: जैसे जब डॉक्टर या इंजीनियर जैसे उच्च शिक्षित और प्रतिष्ठित पेशेवर आतंकी गतिविधियों में शामिल होते हैं, तो समाज का उन संस्थानों और पेशों से भरोसा उठ जाता है।
- संसाधनों का दुरुपयोग: उच्च शिक्षित लोग अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और ज्ञान का उपयोग विनाशकारी कार्यों (जैसे बम बनाने या साइबर हमले) के लिए करते हैं, जो राष्ट्र की प्रगति के लिए बने संसाधनों का घातक इस्तेमाल है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा: 'व्हाइट-कॉलर' अपराधी अपनी पहुंच और प्रभाव के कारण देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अधिक गंभीर और जटिल चुनौतियां पैदा करते हैं।
- युवा पीढ़ी पर नकारात्मक प्रभाव: शिक्षित लोगों का राष्ट्र के विरुद्ध कार्य करना आने वाली पीढ़ी के लिए गलत उदाहरण पेश करता है और उनके नैतिक चरित्र को प्रभावित कर सकता है।
- शिक्षा के मूल उद्देश्य की विफलता: शिक्षा का उद्देश्य केवल पेशेवर सफलता नहीं बल्कि चरित्र निर्माण और मानवीय व्यक्तित्व का विकास है; व्हाइट-कॉलर टेररिज्म इस मूल आत्मा को नष्ट कर देता है।
- आर्थिक स्थिरता पर प्रहार: आतंकी गतिविधियों से न केवल जनहानि होती है, बल्कि यह देश की 'नॉलेज इकोनॉमी' और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य की ओर बढ़ती गति को भी धीमा कर सकती है।
