पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट पर सस्पेंस: फाइनल पब्लिकेशन टला, ECI से 7 दिन की मोहलत की मांग
punjabkesari.in Saturday, Feb 07, 2026 - 09:16 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की समरी इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को पत्र लिखकर फाइनल वोटर लिस्ट जारी करने की समय-सीमा सात दिन बढ़ाने का अनुरोध किया है। पहले यह सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होनी थी, लेकिन अब इसके फरवरी के अंतिम सप्ताह तक खिसकने के संकेत मिल रहे हैं। CEO कार्यालय का कहना है कि अंतिम चरण की सुनवाई, आपत्तियों के निपटारे और डेटा अपलोडिंग में देरी के कारण तय तारीख पर फाइनल लिस्ट जारी करना संभव नहीं हो पा रहा है।
क्यों अटकी फाइनल वोटर लिस्ट?
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया 7 फरवरी तक पूरी होनी थी, लेकिन कुछ इलाकों में काम अभी बाकी है। लगभग 95% जिलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है, लेकिन नॉर्थ 24 परगना (नोआपाड़ा – 1 केंद्र),साउथ 24 परगना (7 केंद्र),कोलकाता नॉर्थ (1 केंद्र),कोलकाता साउथ पोर्ट (1 केंद्र),हावड़ा (1 केंद्र) में प्रक्रिया अभी लंबित है। कई जगह सुनवाई पूरी होने के बावजूद डेटा ECI के सिस्टम में अपलोड नहीं हो सका है। करीब 25% डेटा अपलोडिंग अधूरी बताई जा रही है। कुल आपत्तियों में से केवल 30–35% मामलों का ही अंतिम निपटारा हो पाया है।
CEO मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि यदि ECI सुनवाई की डेडलाइन 14 फरवरी तक बढ़ाता है, तो उसके बाद भी फाइनल वोटर लिस्ट प्रकाशित करने में कम से कम सात दिन का अतिरिक्त समय लगेगा।
SIR प्रक्रिया पर सियासी घमासान तेज
मतदाता सूची संशोधन को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया है कि SIR प्रक्रिया से जुड़ी घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई है। पार्टी का कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण राज्य में तनाव, हिंसा और विरोध प्रदर्शन बढ़े। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपनी बात रखी।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि TMC जानबूझकर बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) को काम में बाधा डालने के निर्देश दे रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया लटकी हुई है। उन्होंने कहा कि TMC संवैधानिक संकट पैदा करना चाहती है, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में बीजेपी की सरकार बनेगी।
टीएमसी के पार्टी प्रवक्ता जयप्रकाश मजूमदार ने ECI पर आरोप लगाया कि वह “तार्किक असंगति” के नाम पर करोड़ों मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद हटाए गए नामों को न्याय मिलेगा।
चुनाव से जुड़े अन्य अहम निर्देश
स्थायी निवास प्रमाण पत्र मान्य:
ECI ने साफ किया है कि SIR प्रक्रिया में परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट एक वैध दस्तावेज है, बशर्ते वह राज्य सरकार के नियमों के अनुसार अधिकृत संस्था द्वारा जारी किया गया हो।
पुलिस ट्रांसफर पर सख्ती:
2026 विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी पुलिस ट्रांसफर और पोस्टिंग 15 फरवरी 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी रिपोर्ट ECI को सौंपना अनिवार्य होगा। फाइनल वोटर लिस्ट की तारीख अब पूरी तरह ECI के फैसले पर निर्भर है। माना जा रहा है कि यह देरी 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर सीधा असर डाल सकती है।
