Middle East War Impact: खाड़ी संकट में फंसे भारतीय, 5 की मौत, 1 अब भी लापता

punjabkesari.in Saturday, Mar 14, 2026 - 06:56 PM (IST)

नेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का प्रभाव अब भारत पर भी दिखाई देने लगा है। Ministry of External Affairs, India (MEA) ने 14 मार्च 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच 5 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक भारतीय अभी भी लापता बताया जा रहा है।

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (गल्फ) Aseem Mahajan ने जानकारी दी कि भारतीय दूतावास और मिशन प्रभावित देशों में लगातार सक्रिय हैं और वहां मौजूद भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया जा रहा है।

ओमान में हमले में भारतीयों की मौत

विदेश मंत्रालय के मुताबिक ओमान के सोहर शहर में हुए एक हमले में दो भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि करीब 10 भारतीय घायल हुए हैं। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। भारतीय दूतावास के अधिकारी मौके पर पहुंचकर घायलों और उनके परिवारों को सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। मृतकों के पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

जहाज के चालक दल को सुरक्षित निकाला गया

मंत्रालय ने बताया कि ‘सेफसी विष्णु’ नामक जहाज से जुड़े 15 भारतीय चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। फिलहाल उन्हें इराक के बसरा शहर के एक होटल में रखा गया है और जल्द ही उन्हें भारत वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।

भारतीय जहाज सुरक्षित पहुंचे

भारतीय ध्वज वाले दो एलपीजी जहाज— INS Shivalik और Nanda Devi LPG Carrier — हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर चुके हैं। इन जहाजों में करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी है और इनके 16–17 मार्च तक भारत पहुंचने की उम्मीद है।

खाड़ी देशों से उड़ानें प्रभावित

मौजूदा स्थिति के कारण कुछ खाड़ी देशों से सीधी उड़ानों पर भी असर पड़ा है। बहरीन और कुवैत से उड़ानें फिलहाल बंद हैं। ऐसे में वहां फंसे भारतीयों को वीजा विस्तार और ट्रांजिट वीजा की सुविधा दी जा रही है ताकि वे सऊदी अरब के रास्ते भारत लौट सकें।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार शिपिंग और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ मिलकर लगातार निगरानी कर रही है।

कैसे शुरू हुआ यह संकट

यह तनाव 28 फरवरी 2026 को उस समय बढ़ा जब ईरान में हुए हमलों के बाद देश के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद क्षेत्र में जवाबी कार्रवाई और सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने भी इस संघर्ष को वैश्विक शांति और ऊर्जा आपूर्ति के लिए गंभीर खतरा बताया है। ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने की चेतावनी से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और शिपिंग मार्गों पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

भारत सरकार की सतर्क नजर

सरकार ने कहा है कि विदेश मंत्रालय के सभी मिशन 24x7 सक्रिय हैं और संकटग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत उपाय भी किए जाएंगे।


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Content Writer

SHUKDEV PRASAD

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