पाकिस्तान से अच्छे रिश्ते चाहते हैं, लेकिन आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेंगे... जयशंकर ने अमेरिका को भी दिया साफ संदेश

punjabkesari.in Thursday, Oct 22, 2026 - 10:01 PM (IST)

मुंबई/नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान के साथ संबंधों और आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि भारत आतंकवाद को नजरअंदाज करके रिश्ते बेहतर करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया किसी भी देश को तभी गंभीरता से लेती है जब वह माकूल जवाब देता है और भारत ने ऑपरेशन सिंदूर तथा बालाकोट एयरस्ट्राइक के जरिए यह साबित करके दिखाया है।

'अमेरिका की समझ का इंतजार नहीं करेगा भारत' 

एक कार्यक्रम के दौरान जब जयशंकर से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान का सैन्य प्रतिष्ठान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को खुश करने में सफल रहा है और क्या इसी वजह से वाशिंगटन भारत की चिंताओं को पूरी तरह से नहीं समझ पा रहा है, तो विदेश मंत्री ने दो टूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा वाशिंगटन के समझने या न समझने का नहीं है। यदि वाशिंगटन इस मुद्दे को इतनी अच्छी तरह समझता, तो 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद उसने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की थी? जयशंकर ने स्पष्ट किया कि जब भारत ने आतंकवाद के खिलाफ पलटवार किया, तो यह सोचकर नहीं किया कि वाशिंगटन इसे समझेगा या नहीं, बल्कि इसलिए किया क्योंकि भारत खुद इस खतरे की गंभीरता को समझता है। उन्होंने कहा कि भारत अब अपनी चिंताओं के लिए अमेरिका या अन्य देशों की समझ का इंतजार नहीं करेगा।

मार्को रुबियो के साथ मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता 
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच मुंबई में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पांच महीने के भीतर अमेरिकी विदेश मंत्री का यह दूसरा भारत दौरा है। दोनों देशों के बीच संबंधों में जारी तनाव के बीच हुई इस बैठक में ऊर्जा और रक्षा सहयोग का विस्तार करने पर गहन चर्चा हुई।

ऊर्जा व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर चर्चा 
बैठक के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जोर देकर कहा कि भारत के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ने से भारत की आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में परिवर्तनकारी भूमिका निभाई जा सकती है और भारत की बड़ी उपभोक्ता मांग को पूरा करने में मदद मिल सकती है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए, जिनमें पश्चिम एशिया के घटनाक्रम शामिल थे। इसके अलावा व्यापार, ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।


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Content Writer

Pardeep

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