वक्फ संशोधन विधेयक आज राज्यसभा में पेश, सरकार को बहुमत प्राप्त करने में नहीं होगी कठिनाई
punjabkesari.in Thursday, Apr 03, 2025 - 02:11 PM (IST)

नेशनल डेस्क: वक्फ संशोधन विधेयक, जो पहले लोकसभा से पारित हो चुका है, आज गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू इस विधेयक को दोपहर 1 बजे राज्यसभा में पेश करेंगे। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों के समाधान और इन संपत्तियों के बेहतर उपयोग से जुड़ा हुआ है। सरकार का दावा है कि इस विधेयक से मुस्लिम समाज की महिलाओं को भी लाभ मिलेगा।
वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के पास 98 सांसद
राज्यसभा में इस समय कुल 236 सदस्य हैं और बहुमत प्राप्त करने के लिए 119 सांसदों का समर्थन आवश्यक होगा। वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पास 98 सांसद हैं। हालांकि, एनडीए के अन्य घटक दलों का समर्थन मिलने से सरकार को बहुमत प्राप्त करने में कोई कठिनाई नहीं होगी। एनडीए के पास वर्तमान में 118 सदस्य हैं, जिसमें बीजेपी के 98 सांसद, जेडीयू (4), टीडीपी (2), शिवसेना (एकनाथ शिंदे) (1), एनसीपी (अजीत पवार गुट) (3), एलजेपी (चिराग पासवान) (1), आरएलडी (1), आरपीआई (1), आरएलएम (1), जेडीएस (1), यूपीपीएल (1), मिजो नेशनल फ्रंट (1), और एनपीपी (1) के सदस्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 6 मनोनीत सदस्य भी हैं, जो आमतौर पर सरकार के पक्ष में मतदान करते हैं। इस तरह, एनडीए के पास कुल 124 वोट हैं, जो बहुमत से 5 अधिक हैं।
वहीं, विपक्षी दलों का गठबंधन 'इंडिया' ब्लॉक के पास 88 सांसद हैं, जिसमें कांग्रेस के 27 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा, बीजेडी (7), YSRCP (7), बीआरएस (4), और बीएसपी (1) के सांसद विधेयक के विरोध में खड़े हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त, AIADMK के 4 सांसदों की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि उनका समर्थन इस विधेयक के लिए या विरोध में हो सकता है।
वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों का निपटारा
सत्तारूढ़ पक्ष का कहना है कि वक्फ संशोधन विधेयक के माध्यम से वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों का निपटारा होगा। इसके अलावा, वक्फ की संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे इसका लाभ मुस्लिम समाज के लोगों, खासकर महिलाओं, को मिलेगा। सरकार का मानना है कि वक्फ के बेहतर प्रबंधन से इसके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ावा मिल सकेगा। केंद्र सरकार का यह भी कहना है कि इस विधेयक के तहत वक्फ ट्रस्टों के संचालन में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार की घटनाएं कम होंगी।
लोकसभा में विधेयक पर बहस और पारित होना
वक्फ संशोधन विधेयक को पहले 8 अगस्त 2024 को लोकसभा में पेश किया गया था। लोकसभा में इसके खिलाफ विपक्ष ने काफी हंगामा किया था और इसके बाद विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर विधेयक में संशोधन किए गए और फिर इसे कैबिनेट से मंजूरी मिली। लोकसभा में इस विधेयक पर लंबी बहस हुई थी, जो 12 घंटे से भी अधिक समय तक चली। विधेयक के पक्ष में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट थे। इसके बाद, विधेयक को लोकसभा से पारित किया गया।
राज्यसभा में अब विधेयक पर चर्चा और मतदान
अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा। राज्यसभा में इसकी चर्चा और मतदान होगा, जिसके बाद इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अगर राज्यसभा में यह विधेयक पारित हो जाता है, तो यह भारतीय कानून का हिस्सा बन जाएगा और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार लाएगा। वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और विवादों के निपटारे को लेकर है। सरकार का मानना है कि इससे मुस्लिम समाज, खासकर महिलाओं को फायदा होगा। लोकसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश होगा। सरकार को बहुमत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि एनडीए के पास 124 सांसदों का समर्थन है, जो बहुमत से अधिक है।